50 फीसदी फसलें खराब
रविवारशाम आंधी के साथ हुई बारिश और ओलावृष्टि से जिले के 24 से ज्यादा गांवों में 50 फीसदी फसल बर्बाद हो गई। कई गांवों में गेहूं की फसल आड़ी होने से किसानों को भारी नुकसान हुआ। प्रशासन ने नुकसानी का आकलन शुरू किया है। कृषि विभाग का भी मानना है कि इस बार फसल की क्वालिटी प्रभावित हो सकती है।
मौसम रोज रंग बदल रहा है। रविवार शाम को जिले के कई इलाकों में बारिश के साथ ओले गिरे। इससे रतलाम जावरा विकासखंड में फसलों को खासा नुकसान हुआ। 24 से ज्यादा गांवों में गेहूं चने को नुकसान हुआ है। किसानों का कहना है प्रकृति की मार ने कमर ही तोड़ दी है। रतलाम विकासखंड के नायन निवासी तुलसीराम मालवीय ने बताया शनिवार को देर रात आधा घंटे ओले गिरे थे। रविवार शाम को भी मौसम बैरी हो गया। गांव के करीब 100 बीघे में गेहूं की फसल ओले और तेज हवा से आड़ी हो गई। इससे उत्पादन आधा रहने की आशंका है। सुराना के ओमप्रकाश चौधरी ने बताया आसपास के गांवों में भी काफी नुकसान हुआ है। पूर्व में हुुए मावठे से किसानों में इस बार अच्छी फसल होने की उम्मीद जागी थी। शनिवार और रविवार को आई बारिश और ओले ने इस पर पानी फेर दिया। इससे 35 से 50 फीसदी तक फसल बर्बाद हुई है। प्रशासन को जल्द नुकसानी का सर्वे कर मुआवजा देना चाहिए।
नगरा में गेहूं की आड़ी फसल देखते किसान।
जावरा ताल में ज्यादा असर
कृषिविभाग के उपसंचालक सीके जैन के मुताबिक जावरा ताल क्षेत्र में ज्यादा नुकसान हुआ है। कहीं-कहीं 50 फीसदी तक नुकसान की आशंका है। जो फसल पक चुकी है, उसकी क्वालिटी भी प्रभावित हो सकती है।
कर रहे सर्वे
^जावराके चार ताल के तीन गांवाें में ज्यादा नुकसान है। रतलाम से नुकसान की खबर नहीं हैै। राजस्व कृषि विभाग की टीम ने सर्वे शुरू कर दिया है। ममताखेड़े, अधीक्षक भू-अभिलेख