शिफ्ट करो मंडी कार्यालय
शनिवार सुबह रतलाम से मंदसौर जाने के दौरान उज्जैन कमिश्नर अचानक अरनियापीथा स्थित नई कृषि मंडी में निरीक्षण करने पहुंच गए। 10.30 बजे वे मंडी पहुंचे तब तक नीलामी शुरू नहीं हुई थी। इस पर कमिश्नर भड़क गए और नीलामी समय जल्दी करने के निर्देश दिए। मंडी सचिव से कहा नई मंडी में ही कार्यालय संचालित करें। उनके जाते ही मंडी प्रशासन ने कार्यालय को जावरा मंडी से अरनियापीथा शिफ्ट करने की तैयारी शुरू कर दी। एक-दो दिन में ही कार्यालय नई मंडी में संचालित होगा। इसके साथ ही मंडी स्थानांतरण का रास्ता भी साफ हो गया है।
अरनियापीथा मंडी परिसर आए कमिश्नर डॉ. रवींद्र पस्तौर ने मंडी टीम से पूछा कि 10.30 बज गए हैं। अभी तक नीलामी शुरू क्यों नहीं हुई। किसी ने बताया रोज सुबह 11 बजे ही नीलामी शुरू होती है। ये सुनते ही कमिश्नर भड़क गए। उन्होंने सचिव वी.के. आर्य को निर्देश दिए कि नीलामी का समय एक घंटा बढ़ाकर सुबह 10 बजे चालू करें। एक-दो दिन में ही ये व्यवस्था सुचारू होना चाहिए। इसके बाद सचिव से कहा नई मंडी में अधिकतर जिंसों की नीलामी शुरू हो गई है। भवन-गोदाम बन गए हैं तो मंडी कार्यालय यहीं शिफ्ट करें। कमिश्नर ने सचिव को भी नई मंडी में ही बैठकर व्यवस्था संभालने के निर्देश दिए। इसके बाद किसानों की सुविधा का ध्यान रखने की बात कहते हुए कमिश्नर मंदसौर तरफ चले गए। इस दौरान मंडी अध्यक्ष प्रतिनिधि राधेश्याम पाटीदार भी मौजूद थे।
नएभवन की सफाई शुरू, कल ले जाएंगे रिकाॅर्ड-सचिव नेबताया कमिश्नर के निर्देश के पालन में आज से ही नई मंडी में बैठना शुरू कर दिया है। कर्मचारियों को भी निर्देश दे दिए हैं कि वे नए भवन की सफाई शुरू कर पुरानी मंडी से सामान नई मंडी के भवन में शिफ्ट करें। शनिवार दिनभर कर्मचारियों ने अरनियापीथा मंडी स्थित भवन की सफाई की। रविवार अवकाश के बाद सोमवार को मंडी संबंधी रिकाॅर्ड भी जावरा से नई मंडी स्थित कार्यालय ले जाया जाएगा। एक-दो दिन में मंडी कार्यालय पूरी तरह नई मंडी में शिफ्ट होगा।
अक्टूबर में पूरे हो जाएंगे अधूरे काम
मंडीइंजीनियर डी.के. बैरागी ने बताया अरनियापीथा स्थित नई मंडी परिसर में दलहन, तिलहन गेहूं अड्डा बन गया है। इन जगह में सोयाबीन, रायड़ा, गेहूं आदि उपज की नीलामी की जा रही है। मसाला जोन भी 30 अक्टूबर तक तैयार हो जाएगा। इसके बाद किसानों की मंडी शिफ्ट करने की मांग पूरी हो सकेगी।