धरना दिया तब हुई सोनोग्राफी
सोनोग्राफीके लिए बुधवार को भी खूब बवाल मचा। रेडक्राॅस कार्यालय पहुंचीं गर्भवती महिलाओं अन्य मरीजों को जब वहां कोई जिम्मेदार नहीं मिला तो उन्होंने हंगामा किया। कुछ महिलाएं ये कहते हुए धरने पर बैठ गईं कि प्रशासन कुछ भी व्यवस्था करे लेकिन हम सोनोग्राफी करवाकर ही लौटेंगे। अंतत: रेडक्रॉस स्वास्थ्य विभाग को एक निजी डॉक्टर की मदद से मरीजों की सोनोग्राफी करवाना पड़ी। भाजपा कांग्रेस महिला कार्यकर्ताओं ने भी इसे लेकर मोर्चा खोल दिया। दोनों ही पार्टियों की नेत्रियों ने कलेक्टर से सोनोग्राफी चालू करवाने की मांग की है।
सरकारी अस्पताल में सोनोग्राफी सुविधा नहीं है। यहां की मशीन सालों से खराब है और रेडक्रॉस द्वारा संचालित सोनोग्राफी सेंटर भी मंगलवार से बंद हो गया। बुधवार को जो मरीज गर्भवती महिलाएं सरकारी अस्पताल परिसर स्थित रेडक्रॉस सोनोग्राफी सेंटर पहुंचे उन्हें कोई जिम्मेदार नहीं मिला। इससे वे भड़क गए। मेवातीपुरा के मो. शरीफ कुरैशी ने बताया अस्पताल में सोनोग्राफी नहीं है और रेडक्रॉस का सेंटर भी बंद कर दिया। अब मरीज जाएं तो कहां। बाजार में तो मनमर्जी के रुपए लिए जाएंगे और गरीब कहां से लाएं। फिर शासन की नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा का भी क्या मतलब। इस तरह आक्रोशित मरीज महिलाएं धरने पर बैठ गईं।
नई मशीन के दिए निर्देश
^नईसोनोग्राफी मशीन खरीदने के लिए सीएमएचओ को निर्देश दिए हैं। रेडक्रॉस की सोनोग्राफी फिर से चालू करने के लिए भी प्रयास जारी हैं। फिलहाल जिला अस्पताल में भी सेवा प्रभावित हों इसलिए डॉ. लाहिरी हफ्ते में तीन दिन जावरा और तीन दिन रतलाम में सेवा दें ऐसी व्यवस्था कर रहे हैं। डॉ.संजय गोयल, कलेक्टररतलाम
निजी डॉक्टर को बुलाया
रेडक्रॉसचेयरमैन प्रकाश बारोड़ ने बताया एक तरफ महिलाएं धरने पर बैठ गईं और दूसरी तरफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वहां हंगामा कर दिया। हमने सीएमएचओ डॉ. पुष्पेंद्र शर्मा से चर्चा की और उनकी सहमति से नगर की निजी डॉॅ. अदिति राठौर को बुलाकर महिलाओं की सोनोग्राफी करवाई।
कलेक्टर को लगाया फोन
महिलाओंकी परेशानी की सूचना पर दोपहर 12 बजे कांग्रेस पार्षद सलमा डेविड, कार्यकर्ता श्यामा पारखी भी रेडक्रॉस कार्यालय पहुंचीं। इन्होंने सीएमएचओ एसडीएम को फोन लगाया लेकिन रिसीव नहीं हुआ तो कलेक्टर डॉ. संजय गोयल को फोन पर समस्या बताई। किसी भी हालत में सोनोग्राफी चालू करवाने