पक्ष-विपक्ष ने नपा प्रशासन को घेरा
नगरपालिकासम्मेलन में पक्ष-विपक्ष ने नपा प्रशासन को आड़े हाथ लेकर हंगामा किया। पौने पांच साल भले ही सत्तापक्ष के पार्षद मौन रहे लेकिन चुनाव के ठीक पहले सोमवार को हुए सम्मेलन में उनका सब्र टूट गया। विपक्ष से ज्यादा पक्ष के पार्षदों ने अध्यक्ष-सीएमओ पर जुबानी हमले किए। कई निर्णयों पर प्रश्न-चिह्न लगाए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर सवाल दागे तो अध्यक्ष-सीएमओ निरुत्तर हो गए। अपनों का आक्रोश भी ऐसा कि एक भाजपा पार्षद सम्मेलन का बहिष्कार कर चले गए। दूसरे पूरे समय सदन में खड़े रहे। बाकी भी खूब झल्लाए।
सम्मेलन की शुरुआत में ही भाजपा पार्षद गोपाल मोदी उठे और अध्यक्ष निर्मला हाड़ा, सीएमओ अशोक शर्मा को भास्कर की खबर वार्ड में घटिया निर्माण को लेकर की पुरानी शिकायतों के दस्तावेज दिखाए। मोदी ने झल्लाते हुए कहा वार्ड में सभी काम घटिया हुए। शिकायत के बावजूद ठेकेदारों को भुगतान कर दिया। उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की। पिछले सम्मेलन में सुविधाघर की दशा सुधारने की मांग रखी थी जो पूरी नहीं हुई। बाजार में महिलाओं के लिए सुविधाघर नहीं है। पांच साल से आवाज उठा रहा हूं लेकिन कोई सुन नहीं रहा। भाजपा की सरकार में भाजपा पार्षद की ही नहीं सुनी जा रही। अध्यक्ष-सीएमओ संतोषप्रद जवाब नहीं दे पाए तो नाराज मोदी सदन का बहिष्कार कर चले गए।
पार्षदसोनी ने अवैध कॉलोनियों का मुद्दा उठाया-पार्षद मोदीके जाने के बाद पक्ष के ही पार्षद पूर्व स्वास्थ्य समिति चेयरमैन पवन सोनी ने मोर्चा संभाला। बिना राशि जमा करवाए नपा की दुकानें आवंटित करने का विरोध किया। दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की बात प्रोसिडिंग में नहीं लिखने पर प्रोसिडिंग फाड़कर फेंकने तक की बात कही। उन्होंने कहा सालों से कॉलोनियां अवैध हैं। लोग परेशान हो रहे लेकिन नपा ने सुविधा देने या कॉलोनी वैध करने के प्रयास नहीं किए। सोनी ने अवैध कॉलोनी विषय पर विशेष सम्मेलन बुलाने की मांग रखी। सभी ने समर्थन किया। उन्होंने सफाईकर्मियों की नियुक्ति में धांधली का आरोप लगाते हुए कहा सफाई व्यवस्था सही नहीं है। चुटकी ली कि मैं स्वास्थ्य समिति चेयरमैन था तब तीन साल में जितनी दवाइयां नहीं खरीदी उतनी अब तीन महीने में खरीदने के बिल लगे हैं।
पक्षकी महिला पार्षद भी गुस्साईं-अवैध कॉलोनियोंको लेकर पक्ष की पार्षद सुमन मेहता, कोकिला उपमन्यु