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वित्त आयोग की बैठक से भाजपा विधायकों ने ही किया किनारा

5 वर्ष पहले
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मध्यप्रदेश वित्त आयोग की रतलाम जिले में शनिवार को हुई बैठक में अजीब हालात बने। आयोग अध्यक्ष सहित 3 सदस्य भाजपा से हैं लेकिन जिले के भाजपा से जुडे़ जनप्रतिनिधियों ने ही इस बैठक में हिस्सा नहीं लिया। विधायक जितेंद्र गेहलोत को छोड़ अन्य 4 विधायक बैठक में शामिल नहीं हुए। बैठक की टेबल पर तख्तियां तो सभी जनप्रतिनिधियों की लगी थी लेकिन बाद में इनके आगे दूसरे जनप्रतिनिधियों को बैठाना पड़ा।

वित्त आयोग अध्यक्ष हिम्मत कोठारी रतलाम जिले का ही प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में रतलाम में ही भाजपा से जुड़े जनप्रतिनिधियों की बैठक से दूरी की है। बैठक में कोठारी सहित आयोग के सदस्य दिलीप राजसिंह, मलय कुमार राय और सुशील कुमार द्विवेदी ने जनप्रतिनिधियों को राज्य व केंद्र शासन से स्थानीय निकायों को मिलने वाले अनुदान के उपयोग संबंधी जानकारी दी। कोठारी ने जनप्रतिनिधियों से बातचीत कर निकायों के कामकाज में आने वाली दिक्कतों को जाना। शासकीय राशि के समुचित उपयोग के लिए मार्गदर्शन दिया। कलेक्टर कार्यालय में वित्त आयोग की दो बैठकें हुई। एनआईसी कक्ष की बैठक जिला व जनपद निकायों के लिए थी। बैठक में भाजपा सदस्य के तौर पर महापौर डॉ. सुनीता यार्दे ही शामिल हो सकीं। कलेक्टर सभाकक्ष में हुई बैठक में आलोट विधायक जितेंद्र गेहलोत शामिल हुए जबकि शहर विधायक चेतन्य काश्यप, ग्रामीण विधायक मथुरालाल डामर, सैलाना विधायक संगीता चारेल व जावरा विधायक राजेंद्र पांडे, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रमेश मईडा को भी आमंत्रित किया था लेकिन वे नहीं आए।

बैठक में अफसरों व जनप्रतिनिधियों से चर्चा करते वित्त आयोग अध्यक्ष।

दो बैठकें
जनप्रतिनिधि नहीं आए तो उनकी तख्तियां हटाकर दूसरों को बैठाया
कांग्रेस नेता सक्रिय रहे

वित्त आयोग की दोनों ही बैठकों में भाजपा के जनप्रतिनिधियों से ज्यादा संख्या कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों की थी। कांग्रेस से जुड़े जनप्रतिनिधि के रूप में जिला पंचायत उपाध्यक्ष डीपी धाकड़, सरपंच संघ अध्यक्ष अभिषेक शर्मा, उपलई और सरसी के सरपंच, नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष यास्मीन शेरानी, पार्षद चंदू पुरोहित बैठक में शामिल हुए थे। नगर निगम में अध्यक्ष अशोक पोरवाल सहित भाजपा के 30 पार्षद है। इनमें से महज 8 ही इस बैठक में शामिल हुए थे।

नगर निगम को सलाह
सिविक सेंटर, आजाद चौक, भगत सिंह मार्केट जैसी प्रॉपर्टी का निराकरण जल्द करें ताकि आय के स्रोत बढ़ सके।

खर्च के मुकाबले करों की वसूली 70 प्रतिशत ही है। इसे शत प्रतिशत करना होगा।

छोटे प्लॉट पर भवन निर्माण की अनुमति जारी करने के लिए शासन से मार्गदर्शन लें।

ठेला फुटपाथ व्यवसायियों को यदि कहीं से हटाया जाता है तो उन्हें वैकल्पिक स्थान मुहैया कराए।

गैरहाजिरी पर सबके अपने तर्क
खेल मेले के शुभारंभ के मेरे दो कार्यक्रम पहले से तय थे। व्यस्तता के कारण बैठक में शामिल नहीं हो सका। चेतन्य काश्यप, शहर विधायक

ग्रामीण क्षेत्र में शादियां बहुत थीं। मैं इन्हीं में व्यस्त था। हालांकि बैठक के अंत में पहुंच गया था। मथुरालाल डामर, विधायक रतलाम ग्रामीण

मेरे तो परिवार में ही शादी थी। परिवार के कार्यक्रम में व्यस्तता के कारण बैठक में मौजूद नहीं हो सका। राजेंद्र पांडेय, जावरा विधायक

मुझे कोई जानकारी नहीं है। संगीता चारेल, विधायक सैलाना

रतलाम ही ऐसा एकमात्र जिला है जहां सबसे कम जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया। मैंने कलेक्टर के सामने भी इस पर नाराजगी जताई थी। जब आप बुलाओगे ही नहीं तो कोई क्यों आएगा। विधायक भी बैठक में क्यों नहीं आए, इस पर मैं कोई प्रतिक्रिया नहीं दूंगा। हिम्मत कोठारी, राज्य वित्त आयोग अध्यक्ष

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