• Hindi News
  • National
  • मंडी में भ्रष्टाचार की शिकायत एल 3 में, एसडीएम ने बनाई जांच कमेटी

मंडी में भ्रष्टाचार की शिकायत एल- 3 में, एसडीएम ने बनाई जांच कमेटी

4 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
अरनियापीथा नई कृषि उपज मंडी प्रांगण में हुए विभिन्न निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार संबंधी शिकायत सीएम हेल्पलाइन की एल-3 श्रेणी में पहुंच गई है। पहले मंडी अधिकारियों ने मामले की जांच की थी लेकिन शिकायतकर्ता व्यापारी संतुष्ट नहीं हुए। इसलिए अब एसडीएम ने लोक निर्माण विभाग व राजस्व अधिकारियों की संयुक्त जांच कमेटी बनाई है। इस कमेटी में शामिल अधिकारियों ने शनिवार को मंडी कार्यालय पहुंचकर जांच शुरू की। प्रांगण में निर्माण कार्य भी देखे। कमेटी के अनुसार अगले हफ्ते तक जांच पूरी होगी। इसके बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

मंडी समिति के व्यापारी प्रतिनिधि अशोक कोठारी एवं मंडी बोर्ड के पूर्व डायरेक्टर महेंद्र गोखरू ने महीनेभर पहले मंडी के निर्माण कार्यों को लेकर शिकायत की थी। इसमें आरोप लगाए थे कि इंजीनियरों द्वारा मंडी समिति के प्रस्ताव के विरुद्ध मनमाने निर्माण कार्य करवाए गए। काम की गुणवत्ता सही नहीं है। कम लागत के काम के अधिक भुगतान करवाने की नोटशीटें तैयार हुई। हाल ही में स्टाफ क्वार्टर पर हुए रंगरोगन, मंडी की पूर्व दिशा में बने सवा करोड़ के प्लेटफार्म, पानी निकासी के लिए निर्मित नाले और गोल भवन के पास व्यापारियों के गोदाम तक जाने वाली रोड निर्माण में तकनीकी खामियां की शिकायत भी की गई। इन व्यापारियों ने आरोप लगाए कि मंडी इंजीनियर द्वारा गलत काम किए गए। इसमें मंडी के तकनीकी विभाग के ऊपरी अधिकारी भी शामिल है। जब मामले की शिकायत की गई तो यह जांच मंडी प्रशासन ने इन्हीं के विभाग के ईई आर.के. वर्मा को सौंप दी गई। उन्होंने जांच में खानापूर्ति कर ली और कह दिया कि जो काम हुए वे मंडी समिति के प्रस्ताव अनुसार सही हुए है। जबकि तकनीकी रूप से काम करवाने तथा भुगतान की नोटशीट बनवाने के लिए बोर्ड नहीं बल्कि इंजीनियर टीम जिम्मेदार होती है। इसलिए व्यापारियों ने बाद में एक और शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर की। इसमें आरोप लगाए कि जिन अधिकारियों पर हम सवाल उठा रहे और जिनकी शिकायत कर रहे हैं उन्हीं को ही जांच सौंप दी गई। इसलिए वे एक-दूसरे को बचाने में लगे है। हम जांच से संतुष्ट नहीं है।

ईई बोले- मंडी समिति के प्रस्ताव अनुसार हुए काम, गुणवत्ता सही है- मामले में मंडी बोर्ड जावरा-मंदसौर विंग के ईई आर.के. वर्मा का कहना है व्यापारी अनावश्यक शिकायत कर रहे है। वे ऐसा क्यों कर रहे वे ही जाने लेकिन जो काम हुए वे सभी नियमानुसार हुए। मंडी समिति के प्रस्ताव व अनुमोदन के बाद ही काम हुए। काम की गुणवत्ता भी सही है। इससे अधिक हमें कुछ नहीं कहना है।

कृषि उपज मंडी कार्यालय में जांच करते हुए जांच कमेटी अधिकारी।

व्यापारियों द्वारा दोबारा की गई शिकायत एल-3 में पहुंचने के बाद एसडीएम शिराली जैन ने जांच के लिए कमेटी गठित की। इसमें नायब तहसीलदार सी.एल. टांक, लोनिवि एसडीओ श्रद्धा पाठक, इंजीनियर पी.एन. गुप्ता, राजस्व निरीक्षक मेहरबानसिंह मालवीया, पटवारी नवीन शर्मा को सदस्य बनाया है। शनिवार को यह टीम मंडी कार्यालय पहुंची। वहां रिकार्ड तलब किया और जांच शुरू की। शुरूआत में घंटेभर तक तो टीम असमंजस में रही क्योंकि कमेटी को जो जांच आदेश मिला उसमें तथ्यात्मक शिकायत नहीं थी और ना ही शिकायतकर्ता के नाम थे। बाद में जानकारी जुटाई और शिकायतकर्ता व्यापारियों को बुलाकर पूछताछ की। व्यापारियों ने कहा कि शुरू से अब तक मंडी में करीब 35 करोड़ से ज्यादा के काम हुए। सही निर्माण नहीं होने से करोड़ों का चूना शासन को लगा है। सुविधाघर, पानी जैसे मूलभूत काम नहीं हो रहे और अनावश्यक निर्माण किए जा रहे है। टीम अधिकारियों ने इंजीनियर प्रभाकर रूणिज से भी निर्माण कार्यों की जानकारी ली। इसके बाद प्रांगण में जाकर निर्माण कार्य देखे। कुछ बिंदु नोट किए और टीम वापस आ गई। मामले में एसडीएम शिराली जैन ने बताया जांच अभी चल रही है। यह पूरी होने के बाद ही

स्थिति स्पष्ट होगी।

खबरें और भी हैं...