जननी सुरक्षा का भुगतान क्यों नहीं किया?
भोपाल से स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव गौरी सिंह शनिवार को जावरा महिला अस्पताल पहुंची। अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लेते समय जननी सुरक्षा योजना में भुगतान नहीं होने पर नाराजगी जताई और कारण पूछा।
शनिवार शाम करीब 6 बजे प्रमुख सचिव गौरी सिंह महिला अस्पताल पहुंची। जहां बीएमओ डॉ. प्रकाश उपाध्याय से अस्पताल की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। सबसे पहले प्रसुति गृह का निरीक्षण किया। जहां सिस्टर जोसफ ने महिलाओं की डिलीवरी संबंधी व ऑपरेशन व्यवस्था और साफ-सफाई के बारे में जानकारी दी। इसके बाद प्रमुख सचिव सिंह जननी सुरक्षा वार्ड में पहुंची। जहां स्टाफ के उपस्थिति रजिस्टर की जांच की। जननी सुरक्षा योजना के भुगतान रजिस्टर की जांच के दौरान उन्हें पेंडिंग केस का पता चला तो उन्होंने इस पर नाराजगी जताई। पेंडिंग केसों को निपटाने के लिए एक माह का समय दिया, अन्यथा कार्रवाई की चेतावनी दी। मेडिकल स्टोर रूम और ओटी का निरीक्षण किया। उपलब्ध सुविधाओं को देखा और डॉ. उपाध्याय से ओटी में होने वाले ऑपरेशन संबंधी जानकारी ली। प्रमुख सचिव सिंह जनरल वार्ड में पहुंची। जहां बेडशीट व चादरों की व्यवस्था और उनकी उपलब्धता की जानकारी ली। संबंधित नर्स को प्रत्येक बेड पर 5 चादरें रखने की हिदायत दी। वार्ड में भर्ती मरीजों से चर्चा की। अस्पताल में उनकी देखरेख व बच्चों के पालन पोषण के लिए गाइडेंस दिया जा रहा है या नहीं, शिशु को लेकर नर्स द्वारा क्या समझाइश दी गई, की जानकारी ली। महिला अस्पताल के जर्जर भवन के बारे में बीएमओ डॉ. उपाध्याय से पूछा। इस पर डॉ. उपाध्याय ने बताया मरम्मत के लिए प्रस्ताव भेजा है। स्वीकृत होते ही मरम्मत कराई जाएगी। अस्पताल के निरीक्षण दौरान सिजेरियन को लेकर संतुष्टि जताई। वहीं अस्पताल की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए स्वैच्छिक लोगों की टीम बनाने की बात कही। जो कार्यों का जायजा लेगी। अस्पताल में साफ-सफाई रखने की बात कही।
जननी सुरक्षा योजना के भुगतान की भी जांच की।
ओटी कक्ष की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी लेतीं प्रमुख सचिव गौरी सिंह।