पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • बेटी की मौत से गुस्साए मायके पक्ष के लोगों ने दामाद को दौड़ा दौड़ाकर पीटा

बेटी की मौत से गुस्साए मायके पक्ष के लोगों ने दामाद को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
विवाद के बाद अस्पताल परिसर में पुलिस तैनात रही।

पति के साथ मजदूरी के लिए राजकोट गई महिला की हुई मौत, जिला अस्पताल पीएम के लिए लाए शव तब हुआ हंगामा

भास्करसंवाददाता. झाबुआ

बेटीकी मौत से गुस्साए मायके पक्ष के लोगों ने दामाद को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। परिजनों ने दामाद पर हत्या का आरोप लगाया है। उधर मृतक महिला के बेटे का कहना है मां की मौत बीमारी के कारण हुई है। घटना शनिवार सुबह करीब 11 बजे की है। करमाबाई (35) अपने पति कैलाश मचार के साथ राजकोट (गुजरात) मजदूरी के लिए गई हुई थी। जहां गुरुवार शाम उसकी मौत हो गई।

कैलाश शुक्रवार को उसका शव लेकर अपने गांव मलवन पहुंचा और पुलिस को सूचना दी। शनिवार सुबह वह पुलिस जवान के साथ शव का पीएम कराने जिला अस्पताल पहुंचा। उधर जानकारी लगते ही करमाबाई के परिजन जिला अस्पताल पहुंचे और कैलाश पर हत्या का आरोप लगाया। यहां पर गुस्साए परिजनों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर कैलाश के साथ मारपीट शुरू कर दी। इस बीच जान बचाकर कैलाश ने दौड़ लगा दी। परिजन यहीं नहीं माने और उसका पीछा कर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। जैसे-तैसे कैलाश छतरी चौक स्थित पुलिस चौकी पहुंचा। यहां पर भी परिजन मारपीट कर रहे थे, तभी पुलिस उसे अभिरक्षा में लेकर कोतवाली ले गई। इस दौरान अस्पताल परिसर में लगी भीड़ को पुलिस ने खदेड़कर भागाया।

आए दिन मारपीट करता था कैलाश

करमाबाई के भाई दीतिया पिता बदिया भाबोर निवासी नल्दी बड़ी ने बताया कैलाश आए दिन बहन के साथ मारपीट करता था। उसने हत्या का आरोप लगाते हुए बताया करमाबाई का गुरुवार को राजकोट से फोन आया था। जिसमें उसने कैलाश द्वारा की जा रही मारपीट के बारे में बताया। साथ ही उसने राजकोट से गांव ले जाने की बात कही। इस बीच कैलाश आया और मोबाइल छीनकर फेंक दिया। अगले ही दिन उसकी मौत की खबर गई। मौत की सूचना भी कैलाश ने हमें नहीं दी, अन्य लोगों ने इसके बारे में बताया।

बेटे ने कहा बीमार थी मां

कैलाश के बेटे मुकेश (13) ने बताया उसकी मां कई दिनों से बीमार थी। गुरुवार शाम मां खाट पर लेटी मां ने उससे पानी मांगा। वह पानी लेकर आया तब मां खाट से नीचे गिरी हुई थी। उसने जब मां को उठाना चाहा तो उसने कोई जवाब नहीं दिया। तब तक मौत हो चुकी थी। मुकेश ने बताया इस दौरान पिता कैलाश घरेलू सामान लेने बाजार गया हुआ था।