- Hindi News
- वरिष्ठजनों को उनके अधिकार बताकर किया जागरूक
वरिष्ठजनों को उनके अधिकार बताकर किया जागरूक
अंतरराष्ट्रीय मानव अधिकार दिवस पर मिशन स्कूल हिंदी माध्यम में हुआ कार्यक्रम
भास्करसंवाददाता | झाबुआ
वरिष्ठजनोंके अधिकारों के संरक्षण के लिए हर पुलिस थाने में समिति गठित हो रही है। जो बच्चे माता-पिता की देखभाल और भरण-पोषण नहीं करते उन्हें छह वर्ष तक का कारावास हो सकता है।
यह बात एसडीओपी रचना भदौरिया ने कही। वे अंतरराष्ट्रीय मानव अधिकार दिवस पर बुधवार को कैथोलिक मिशन स्कूल (हिंदी माध्यम) में रखे गए कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। इस दौरान वरिष्ठजनों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। भदौरिया ने कहा वरिष्ठ नागरिकों को जागरूक करने के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। मानव होने के कारण हमें जो अधिकार हैं, उनके संरक्षण करने के लिए मानव अधिकार दिवस मनाया जाता है। उन्होंने बताया मानव अधिकार संरक्षण दिवस 10 दिसंबर 1950 को संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा घोषित किया गया। भारत में वर्ष 1993 में मानव अधिकार आयोग का गठन किया गया। भदौरिया ने कहा वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों का हनन अब अधिक होने लगा है। इसी कारण से वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों के संरक्षण की आवश्यकता महसूस की गई है। पुलिस विभाग में भी वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रत्येक पुलिस थाने में रजिस्टर रखे जाएंगे। कार्यक्रम को अशोक जैन, ओमप्रकाश शर्मा ने भी संबोधित किया। शुरुआत में मानव अधिकार आयोग के जिला संयोजक प्रदीप रुनवाल ने अतिथियों का स्वागत कर कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। इस दौरान मानव अधिकारों पर आधारित फिल्म भी दिखाई गई। संचालन भारती सोनी ने किया। आभार आयोग मित्र मनोज जैन ने माना।
कार्यक्रम के दौरान मानव अधिकार पर फिल्म भी दिखाई गई।