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सभी 49 जिलों को जारी की राशि झाबुआ को फिलहाल कुछ नहीं
दो जिलों का टर्मिनल एक होने से भी रही दिक्कत
मनरेगा में मजदूरी नहीं मिलने और उसके कारण उपजी पलायन की समस्या किसी से छुपी नहीं है। उसके बावजूद शासन ने राशि जारी करने में झाबुआ जिले के साथ सौतेला व्यवहार किया है।
भास्करसंवाददाता | झाबुआ
महात्मागांधीराष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी (मनरेगा) योजना में शासन ने कुल 1 अरब 45 करोड़ 10 लाख रुपए जारी किए। खास बात यह है कि इसमें से पड़ोसी आलीराजपुर जिले सहित प्रदेश के 49 जिलों को पैसा मिला, लेकिन झाबुआ के खाते में एक धेला भी नहीं आया, जबकि यहां मजदूरी अन्य सामग्री का करीब साढ़े सात करोड़ से अधिक का भुगतान बकाया है।
गौरतलब है कि मनरेगा योजना में लगातार मजदूरी का भुगतान नहीं होने की शिकायतें मिल रही हैं। यहां तक कि निर्माण कार्यों में जो सामग्री उपयोग की गई, उसके भी लाखों रुपए बकाया हैं। इस कारण सरपंच-सचिव कुछ जवाब देने की स्थिति में नहीं हैं और मुंह छुपाते फिर रहे हैं। इन हालातों के बीच दो रोज पहले मप्र रोजगार गारंटी परिषद ने वित्तीय वर्ष 2014-15 के लिए राज्य रोजगार गारंटी निधि मप्र से केंद्रांश राज्यांश मिलाकर जो राशि जारी की, उसमें कहीं भी झाबुआ जिले का नाम नहीं है। ऐसे में जिले में मनरेगा योजना के तहत चल रहे कामों पर असर पड़ना तय है।
बीएस नाथ, मनरेगाके परियोजना अधिकारी
सीधी बात
मनरेगा योजना में अभी झाबुआ को कितनी राशि मिली है?
फिलहालजो आदेश प्राप्त हुए हैं, उनमें झाबुआ जिले को छोड़कर अन्य सभी जिलों के नाम है।
ऐसाशासनस्तर से गलती के कारण हुआ या यहीं से कोई दिक्कत रही?
मनरेगायोजना में झाबुआ जिले के खाते में 6 करोड़ से अधिक राशि शो हो रही है। इस कारण शासन से झाबुआ को राशि नहीं मिल पाई है।
इतनीरकम होने के बावजूद मजूदरी सहित अन्य भुगतान क्यों बकाया है?
लीडबैंक एक होने के कारण कुछ तकनीकी दिक्कतें रही हैं। शासन को स्थिति से अवगत करा दिया है। जल्द ही राशि पंचायतों के खातों में जारी हो जाएगी।