- Hindi News
- बदमाश पुलिस से भिड़े तो मिलेगा करारा जवाब
बदमाश पुलिस से भिड़े तो मिलेगा करारा जवाब
और इधर... चुनौतियां कम नहीं, चौकियां पड़ी हैं खाली
लगातारबढ़तीलूट-डकैती चोरी की वारदातों से परेशान पुलिस ने अब अपराधियों को करारा जवाब देने की ठानी है। इसके लिए पुलिस ने कुख्यात वांटेड अपराधियों की पूरी कुंडली तैयार कर उन्हें कोर्ट से भगोड़ा घोषित कराया जा रहा है। अब तक ऐसे 20 अपराधियों को धारा 82 के तहत कोर्ट से भगोड़ा घोषित कर दिया गया है। 46 अपराधियों को घोषित कराने की तैयारी है। पुलिस का दावा है कि अब यदि धड़पकड़ या दबिश के दौरान बदमाश-अपराधी हथियार का इस्तेमाल करते हैं तो पुलिस भी उसी अंदाज में जवाब देने से नहीं हिचकेगी।
गौरतलब है कि जिले में पिछले 8 महीनों के दौरान 29 लूट, 7 डकैती के साथ ही चोरी की दर्जनों घटनाएं हुई। वारदात का तरीका एक सा होने के बावजूद बदमाश पुलिस को चकमा देने में कामयाब रहे। लिहाजा अब पुलिस के आला अधिकारी निर्णायक कार्रवाई करने की तैयारी में जुटे हैं, ताकि असफलता के दाग को धोया जा सकें। इसके लिए बदमाशों को न्यायालय से भगोड़ा घोषित कराया जा रहा है। 20 बदमाशों के मामले में न्यायालय ने आदेश जारी भी कर दिए हैं तो 46 के खिलाफ वारंट निकाले हैं।
नेशनल हाईवे है क्राइम जोन
झाबुआ-पारा मार्ग भी है खतरनाक
झाबुआ-पारा के मध्य स्थित डॉक्टर घाटी भी आपराधिक वारदातों के लिहाज से बेहद खतरनाक है। घाट होने से वाहनों की रफ्तार कम होती है और बदमाश इसका लाभ उठाकर वारदात कर देते हैं। हालांकि इस रास्ते पर पिछले कुछ समय से वारदातों का सिलसिला थमा हुआ है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक एस.पी.सिंह का कहना है ग्राम फुलमाल में स्थित चौकी पर एसएएफ के जवान तैनात किए हैं। वहीं पिटोल में घुड़सवार बल लगाया है। शाम से ही ये दोनों टुकड़ियां गश्त करती हैं, ताकि आपराधिक वारदात हो। पारा क्षेत्र की चौकी पर बल नहीं लगाया है। उस हिस्से में पुलिस नियमित रात्रि गश्त कर रही है।
ग्राम देवझिरी से गुजरात राज्य की सीमा तक इंदौर-अहमदाबाद नेशनल हाईवे का हिस्सा क्राइम जोन है। अधिकांश लूट की घटनाएं इसी रास्ते पर होती है। यहां से रोजाना सैकड़ों वाहन गुजरते हैं। सड़क के दोनों तरफ की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि बदमाशों वारदात को अंजाम देकर तत्काल भाग निकलते हैं। वाहन से भी उनका पीछा नहीं किया जा सकता।
^पुलिस बदमाशों के खिलाफ युद्धस्तर पर अभियान चलाने जा रही है। जरूरत पड़ी तो बंदूक से भी