- Hindi News
- प्रशासन की अनुमति के बिना बैंडवाले बरात ले जाने को ही तैयार नहीं
प्रशासन की अनुमति के बिना बैंडवाले बरात ले जाने को ही तैयार नहीं
जिसतरह चुनाव के दौरान प्रत्याशियों को प्रचार के लिए लाउड स्पीकर का उपयोग करना हो तो प्रशासन की अनुमति लेना पड़ती है, कुछ वैसा ही अब शादी-ब्याह करने वालों के साथ हो रहा है। उन्हें गाने-बजाने और प्रोसेसन निकालने के लिए एसडीएम की लिखित मंजूरी लेना पड़ रही है। क्योंकि बिना अनुमति दिखाए बैंडवाले भी साथ चलने को तैयार नहीं हो रहे। दरअसल हाल ही में न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए कलेक्टर ने रात 10 बजे के बाद शहर में कहीं भी लाउड स्पीकर, डीजे या बैंड बजाने पर एसडीएम को जब्ती की कार्रवाई के आदेश दिए हैं। इन आदेशों ने बैंड बाजे के साथ डीजे वालों की नींद उड़ा दी है। आलम यह है कि सुबह के वक्त माताजी पूजन की बात हो या फिर गंगाजल भरने का कार्य और शाम को दूल्हे का प्रोसेसन ही क्यों निकालना हो, लोग एसडीएम कार्यालय में दरख्वास्त लगा रहे हैं। एसडीएम कार्यालय में भी बाकायदा अलग से इसकी एक फाइल तैयार हो गई है, जिसमें शादी-ब्याह के दौरान निर्धारित नियमों के मुताबिक बैंड और डीजे बजाने की अनुमति के आवेदन लगाए जा रहे हैं।
पहलेअनुमति दिखाओ फिर चलेंगे साथ
जिनकेघर शादी-ब्याह है वे बैंडवाले के पास जा रहे हैं तो उनसे प्रशासन की अनुमति मांगी जा रही है। बताया जाता है कि प्रशासन ने शहर के सभी बैंड डीजे वालों को हिदायत दे दी है कि यदि न्यायालय के आदेश की अवहेलना हुई तो उनका साजो सामान जब्त कर लिया जाएगा। ऐसे में बैंड डीजे वाले कोई रिस्क नहीं ले रहे। फिर चाहे कोई उन्हें मुंहमांगा मेहनताना ही क्यों दे रहा हो।