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बूचड़खाने के लिए अवैध रूप से भूमि कर दी आवंटित
नगरपालिका पर अहिंसा प्रेमी संगठन जीव दया मंडल ने बूचड़खाने के लिए अवैध रूप से भूमि का आवंटन करने का आरोप लगाया है। इसके विरोध में मंडल के सदस्यों ने सोमवार को कलेक्टर के नाम डिप्टी कलेक्टर आरएस रघुवंशी को ज्ञापन सौंप बूचड़खाने की स्वीकृति निरस्त करने की मांग की।
ज्ञापन में बताया 27 जून 2013 परिषद प्रस्ताव क्रमांक 170 के माध्यम से नगरपालिका झाबुआ में अध्यक्ष, मुख्य नगरपालिका अधिकारी एवं राजस्व उप निरीक्षक ने नियमों के विपरीत विधान की धाराओं का उल्लंघन कर भूमि का आवंटन किया। प्लॉट आवंटन के पूर्व कोई निविदा या विज्ञप्ति भी जारी नहीं की गई। जो नगरपालिका विधान की धारा 109 के विपरीत है। ज्ञापन में आरोप लगाया कि भूमि आवंटन में कलेक्टर द्वारा निर्धारित वर्ष 2013-14 की गाइड लाइन का भी पालन नहीं किया गया है, साथ ही किसी शासकीय विभाग, शहरी विकास प्राधिकरण, राजस्व, लोक निर्माण विभाग आदि से भी कोई अनापत्ति प्रमाण-पत्र लेने की आवश्यकता नहीं समझी गई। समिति सदस्यों ने इसे निजी लाभ के उद्देश्य से किया जा रहा कार्य बताते हुए कहा बूचड़खाने के लिए की जा रही पूरी कार्रवाई अवैध नियमों के विपरीत है। ज्ञापन में अवैध रूप से स्वीकृति देने वाले सभी संबंधितों के विरुद्ध तत्काल आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की गई। ज्ञापन का वाचन श्वेतांबर जैन समाज के संजय मेहता ने किया। इस अवसर पर जीव दया मंडल के अध्यक्ष यशवंत भंडारी, राजेश नागर, निर्मल अग्रवाल, जयेंद्र बैरागी, राजेश मेहता, पीयूष गादिया, अमित मेहता, पंकज मेहता आदि मौजूद थे।
आंगनवाड़ीके पास है भूमि
वर्तमानमें जहां बूचड़खाना बनाना प्रस्तावित है, वह नगरपालिका कार्यालय से ठीक लगा हुआ है। पास ही बस स्टैंड की ओर जाने वाला भी रोड बच्चों की आंगनवाड़ी स्थित है। लिहाजा इस स्थान पर इसका निर्माण करना उचित नहीं होगा।
डिप्टी कलेक्टर आरएस रघुवंशी को ज्ञापन सौंपते अहिंसा प्रेमी संगठन के सदस्य।