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विरोधस्वरूप कल्याणपुरा बंद रैली निकाली; धरने पर बैठे

7 वर्ष पहले
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सांसद, विधायक और कलेक्टर के इंतजार में शाम तक धरने पर डटे रहे युवा

भास्करसंवाददाता | झाबुआ

इंजीनियरिंगकॉलेज कल्याणपुरा के बजाए झाबुआ के पास ग्राम उमरी में खोले जाने के मुद्दे ने अब आंदोलन का रूप ले लिया है। इस मसले पर सोमवार को कल्याणपुरा के रहवासियों ने बंद का आह्वान कर दिया। नगर में रैली निकालकर प्रदर्शन किया और फिर युवा धरने पर डट गए। वे शाम तक सांसद, विधायक और कलेक्टर के इंतजार में बैठे रहे, लेकिन कोई नहीं आया। ऐसे में धरना जारी रहा। बंद की वजह से कस्बे में पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहा।

दरअसल, पूर्व में इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने के लिए कल्याणपुरा में जमीन देखी गई थी। हाल ही में स्थान परिवर्तन कर जिला मुख्यालय के नजदीक ग्राम उमरी कर दिया। जब इस बात की खबर कल्याणपुरा के रहवासियों को लगी तो उन्होंने आंदोलन का रुख अख्तियार कर करते हुए कल्याणपुरा बंद का आह्वान कर दिया। चूंकि मामला संवेदनशील था इसलिए प्रशासन ने भी पुख्ता इंतजाम कर दिए। एसडीएम अंबाराम पाटीदार सुबह से ही कल्याणपुरा पहुंच गए। अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात कर दिया गया। सुबह ग्रामीणों ने कस्बे में रैली निकाली। जिसमें शामिल युवा हाथों में- हमारी मांग पूरी करो, सौतेला व्यवहार बंद करो, इंजीनियरिंग कॉलेज वापस दो, वापस दो जैसे नारे लिखी तख्तियां थामे चल रहे थे। एसडीएम ने आंदोलनकारियों से चर्चा की तो उन्होंने कह दिया यदि दोपहर 2 बजे तक कलेक्टर यहां नहीं आते हैं तो फिर चक्काजाम किया जाएगा। ऐसे में पुलिस बल ने अपनी पोजिशन ले ली। एसडीएम ने भी साफ कर दिया कि चक्काजाम समस्या का हल नहीं है। आप लोग मुख्यमंत्री तकनीकी शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन दें। हालांकि आंदोलनकारी नहीं माने। बाद में उन्होंने चक्काजाम तो नहीं किया, लेकिन पुराने बस स्टैंड पर धरने पर डटे रहे। उनका कहना था सांसद, विधायक या कलेक्टर आकर हमें आश्वासन देंगे तो ही आंदोलन खत्म किया जाएगा। ऐसे में प्रदर्शन जारी था।

कल्याणपुरा में कॉलेज खोले जाने के पक्ष में युवाओं ने नारेबाजी की।

इंजीनियरिंग कॉलेज ग्राम उमरी में खोले जाने के विरोध में कल्याणपुरा बंद रहा। बतौर सुरक्षा पुलिस दिनभर तैनात रही।