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थनैला रोग का शिकार हो रहे दुधारू पशु, उत्पादन में रही गिरावट

7 वर्ष पहले
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थनैला रोग का शिकार हो रहे दुधारू पशु, उत्पादन में रही गिरावट

झाबुआ | दुधारूपशु संक्रामक रोग थनैला का शिकार हो रहे हैं, जिससे दूध उत्पादन में कमी रही है। यह खुलासा जिला पशु रोग अन्वेषण प्रयोगशाला की रिपोर्ट में हुआ है। यूं तो यह रोग सभी पशुओं में होता है, लेकिन आर्थिक रूप से गाय भैंसों के लिए काफी नुकसानदायक है। प्रयोगशाला की प्रभारी डॉ. प्रणोती शर्मा ने बताया थनैला रोग से पीडि़त पशुओं के दुग्ध उत्पादन में कमी जाती है और दूध में वसा की मात्रा भी घट जाती है। दूध का पतला होना, रंग में बदलाव आना, दूध में खून थक्के दिखाई पड़ना, इस बीमारी के लक्षण है। पशुओं को गीले कीचड़युक्त स्थान पर बांधने से रोग की संभावनाएं बढ़ जाती है। डॉ. प्रणोती के अनुसार बीमारी के लिए टीका उपलब्ध नहीं होने के कारण बीमारी की रोकथाम पहले से ही करना आवश्यक है। इसके लिए दुधारू पशुओं की माह में कम से कम एक बार जांच जरूर कराना चाहिए। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि पशुओं के इस बीमारी के उपचार के दौरान दूध का सेवन बिलकुल करें। क्योंकि इससे गले पेट की बीमारियां हो सकती है।