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निजी कॉलेज के डायरेक्टर प्राचार्य के िखलाफ केस दर्ज करने के आदेश
मामला आदिवासी छात्र की स्कॉलशिप हड़पने का, चंडीगढ़ का है कॉलेज
फर्जीवाड़े की हद से हुआ खुलासा
विद्याज्योति एजुकेशनल सोसायटी चंडीगढ़ के प्राचार्य नरेश त्रेहान डायरेक्ट डीजे सिंह ने फर्जीवाड़ा करने में सारी हदें पार कर दी। जिससे पूरे प्रकरण का खुलासा हो गया। प्राचार्य डायरेक्टर ने मिलकर पहले तो छात्र अर्जुन की वर्ष 2012-13 की छात्रवृत्ति राशि बाले-बाले ही निकाल ली। चूंकि छात्र पढ़ाई अधूरी छोड़कर जा चुका था। ऐसे में अब दूसरे साल की छात्रवृत्ति की राशि मिल पाना संभव नहीं था। लिहाजा प्राचार्य डायरेक्टर ने नया खेल खेला। उन्होंने छात्र अर्जुन के नाम से राष्ट्रीय जनजाति आयोग को शिकायत की कि उसकी छात्रवृत्ति का भुगतान नहीं हो रहा। साथ में दस्तावेज के रूप में उसका उपस्थिति प्रमाण पत्र भी लगा दिया। आयोग से यह पत्र आदिवासी विकास विभाग के कमिश्नर के पास आया। उचित कार्रवाई के लिए कमिश्नर कार्यालय से पत्र झाबुआ भेजा गया। थांदला अनुविभाग का मामला था, इसलिए जांच का जिम्मा थांदला एसडीएम को सौंपा गया। जांच की गई तो पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हो गया। अधिकारियों को छात्र अर्जुन ग्राम मियाटी में अपने घर पर ही मिला। उसने अपने बयान में बताया कि उसने किसी प्रकार की कोई शिकायत नहीं की। उसने छात्रवृत्ति नहीं मिलने की बात भी बताई। अब इन बयानों के आधार पर कॉलेज प्राचार्य डायरेक्ट के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है।
फर्जी आवेदन उपस्थिति प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया था
^विभागीय पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत छात्र अर्जुनसिंह सेतिया वसुनिया को जारी छात्रवृत्ति एवं शुल्क की राशि प्राचार्य विद्या ज्योति एजुकेशन सोसायटी चंड़ीगढ़ द्वारा उपलब्ध नहीं कराई गई। वर्ष 2013-14 में छात्र के नाम से फर्जी आवेदन एवं उपस्थिति प्रमाण पत्र तथा अंक प्राप्ति प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर छात्रवृत्ति की राशि प्राप्त की गई। साथ ही संस्था डायरेक्टर डीजे सिंह द्वारा छात्र के दस्तावेज एवं बैंक पासबुक संदिग्ध रूप से अपने पास रखे गए। इसलिए संस्था विद्या ज्योति एजुकेशन सोसायटी के प्राचार्य नरेश त्रेहान डायरेक्टर डीजे सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है। धनराजूएस, जिलापंचायत सीईओ, झाबुआ