सिंचाई के बड़े प्रोजेक्ट मंजूर कराएंगे
सांसदभूरिया ने बताया झाबुआ जिले में कृषि महाविद्यालय के साथ ही सेंट्रल स्कूल खोलने के लिए प्रयास किए जाएंगे। रतलाम मुख्यालय को नवीन संभाग बनाने की कोशिशें भी चल रही है।
सांसद भूरिया ने बताई कार्ययोजना, कहा सभी के सहयोग से कार्य को अंजाम पर पहुंचाएंगे
भास्कर संवाददाता. झाबुआ
क्षेत्र में पिछले 30 सालों से सिंचाई के कोई बड़े प्रोजेक्ट नहीं बने हैं। इससे अधिकांश भूमि अनुपजाऊ पड़ी है। मानसून की अनिश्चितता के कारण किसान, खासकर युवावर्ग कृषि से अलग होकर रोजगार के लिए अन्य राज्यों का रुख कर रहा है। इससे स्थानीय संस्कृति पर असर पड़ा है और आपराधिक घटनाएं बढ़ रही है।
यह कहना था सांसद दिलीपसिंह भूरिया का। वे शनिवार को अपने निवास पर संवाददाताओं से रूबरू हो रहे थे। इस दौरान उन्होंने भविष्य की योजनाओं से अवगत कराते हुए बताया झाबुआ जिले के लिए बड़े सिंचाई प्रोजेक्ट मंजूर करवाने के साथ ही कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के प्रयास किए जाएंगे। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान भी दिल्ली-मुंबई व्यावसायिक कॉरिडाेर बनाने के लिए प्रयासरत है। शीघ्र ही इंदौर में इन्वेटर्स मीट आयोजित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि संसदीय क्षेत्र में रतलाम, झाबुआ आलीराजपुर में कम से कम एक बड़ा उद्योग लगाया जाए। मेघनगर रेलवे स्टेशन मुंबई-इंदौर के बीच स्थित औद्योगिक केंद्र होने से मेघनगर में विदेशी निवेश से रेलवे का साजो सामान निर्माण का कारखाना लगाने का सबसे उपयुक्त स्थान है। भूरिया ने बताया इंदौर-अहमदाबाद नेशनल हाईवे का कार्य पुन: प्रारंभ करवाने केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से निवेदन किया था। अक्टूबर माह में बैंक द्वारा धनराशि रिलिज करने पर कार्य प्रारंभ हो जाएगा।