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पर्यटन का केंद्र बना धमोई तालाब तो हाथीपावा की पहाड़ी पिकनिक स्पॉट
बारिश में अंचल की हरी-भरी घाटियां लोगों को बरबस ही अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं। पारा क्षेत्र में स्थित धमोई तालाब तो पर्यटकों के लिए बड़ा केंद्र बन गया है। वहीं झाबुआ से लगी हाथीपावा की पहाड़ी भी पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित हो रही है।
भास्करसंवाददाता | झाबुआ
गर्मीमें शहर की पेयजल व्यवस्था का मुख्य स्रोत धमोई तालाब बारिश में पर्यटन का केंद्र बन गया है। झाबुआ सहित आसपास के क्षेत्रों से लोग सैर-सपाटे के लिए धमोई पहुंचने भी लगे हैं। यहां तालाब के वेस्टवेयर से बहते पानी ने झरने का रूप ले लिया है, जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। जिला मुख्यालय से धमोई की दूरी करीब 28 किमी है। झाबुआ से पारा-कलमोड़ा होकर धमोई पहुंचा जा सकता है। बीच में रास्ता कुछ कठिन है, इसके बावजूद पर्यटक नैसर्गिक सौंदर्य से रूबरू होने का मोह नहीं छोड़ पा रहे। ग्रामीणों के अनुसार छुट्टी के दिन तो कई परिवारों का जमघट लग जाता है।
हाथीपावा की पहाड़ी बनी पिकनिक स्पॉट
हनुमान टेकरी के पीछे स्थित हाथीपावा की पहाड़ी पिकनिक स्पॉट बन गई है। छुट्टी के दिन शहरवासी यहां बच्चों को साथ लेकर सैर-सपाटे और पिकनिक के लिए जा रहे हैं। चूंकि पहाड़ी शहर से लगी है, इसलिए किसी प्रकार का कोई डर नहीं है। यहां सुबह शाम के वक्त लोग घूमने के लिए भी जाते हैं।
हालांकि पर्यटन का केंद्र बने धमोई तालाब पर व्यवस्थाओं की कमी से हादसों की आशंका भी बनी हुई है। मामले में पूर्व में लोगों ने जिला प्रशासन को अवगत कराया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। तालाब किनारे बने तीन सरकारी भवनों में छत नहीं है। पतरे उखड़ रहे हैं। चूंकि कई पर्यटक वहां जाते हैं, ऐसे में सुरक्षा के उपाय भी करना जरूरी हैं, जिससे पर्यटकों को सुविधाएं प्राप्त हों और ग्रामीणों को भी लाभ मिले।
व्यवस्थाओं की कमी से हादसे की आशंका
हाथीपावा की पहाड़ियां हरी-भरी हो गई है।
झाबुआ. धमोई तालाब के वेस्ट वेयर से पानी झरने के रूप में बह रहा है।