अब नहीं चलेगा पुलिस बल की कमी का बहाना
आपराधिकवारदातें हों या फिर कानून-व्यवस्था की स्थिति निर्मित हुई..., कार्रवाई में देरी या अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर हर बार थाना प्रभारी बल की कमी का रटारटाया जवाब दे दिया करते थे। अब ऐसा नहीं हो पाएगा। जिले को 70 नव आरक्षकों का अतिरिक्त बल मिला है। इसके बाद पहले से लाइन में पदस्थ 35 जवानों की थाना चौकी में तैनाती कर दी गई है। लिहाजा काफी हद तक थानावार स्वीकृत बल की पूर्ति हो चुकी है।
पुलिस बल की कमी का मुद्दा शुरुआत से ही चल रहा है। बढ़ती आबादी के लिहाज से थाना चौकी क्षेत्रों में पर्याप्त बल नहीं है। ऐसे में पुलिस को अपना कार्य करने में कई व्यावहारिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। स्थिति को देखते हुए अधिकारियों ने बल की पूर्ति के लिए कई बार पत्र भी लिखे, जिसका परिणाम अब सामने आया है। हाल ही में नव आरक्षकों की एक टुकड़ी जिले को प्राप्त हुई है। इससे पूरी तरह तो समस्या का निराकरण नहीं हो पाएगा, लेकिन अब काम भी नहीं रुकेगा।
बल मिला है
^मुख्यालय से जिले को अतिरिक्त बल मिला है। इसके लिए काफी समय से प्रयास किए जा रहे थे। कुछ जवान तो अभी ट्रेनिंग में जाएंगे। फिलहाल 35 जवानों को थाने चौकी पर पदस्थ कर दिया है। इससे बल की कमी की समस्या काफी हद तक दूर हुई है। एसपीसिंह, पुलिसअधीक्षक, झाबुआ
फायदा क्या
नवआरक्षकों की टुकड़ी मिलने के बाद पहले से पुलिस लाइन में तैनात 35 आरक्षकों को अलग-अलग थाने चौकी पर पदस्थ कर दिया है। इससे रात्रि गश्त के साथ पाइंट पर जवान तैनात किए जा सकेंगे। थाना प्रभारी भी अब बल की कमी का बहाना बनाकर अपने उत्तरदायित्व से बच नहीं पाएंगे।
09 थाने जिले में
16 चौकी
376 ग्राम पंचायत
10 लाख आबादी
एक नजर
अच्छी खबर | जिले को 70 जवानों का अतिरिक्त बल मिला, 35 जवानों को दी थाने पर पोस्टिंग