पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • अंचल में पिछड़ी रबी की बोवनी अब तक मात्र 68 प्रतिशत

अंचल में पिछड़ी रबी की बोवनी अब तक मात्र 68 प्रतिशत

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
कृषिविभाग ने इस वर्ष रबी की बोवनी का लक्ष्य 75 हजार 953 हेक्टेयर तय किया था। उम्मीद से विपरीत अब तक 51 हजार 608 हेक्टेयर क्षेत्र में बोवनी हुई है। इस हिसाब से उत्पादन में गिरावट आने की संभावना बन गई है। हालांकि अधिकारी आंकड़ा 80 फीसदी तक जाने की बात कह रहे हैं। फिलहाल कृषि विभाग राजस्व विभाग की संयुक्त सर्वे रिपोर्ट आना शेष है। उसके बाद ही असल स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

मानसून सीजन में बारिश का आंकड़ा जैसे-तैसे औसत तक पहुंचा था। लिहाजा जलस्रोत भी पूरी तरह लबालब नहीं हो पाए। इन परिस्थितियों का असर रबी की बोवनी पर पड़ना तय था। हुआ भी वैसा ही। बोवनी अंतिम दौर में है और अब भी कई जगह किसानों ने स्थिति को भांपते हुए पूरे क्षेत्र में फसल नहीं लगाई है। अधिकारी भी हालातों से पूरी तरह वाकिफ हैं, परंतु फिर भी रकबा बढ़ने की उम्मीद जता रहे हैं।

विकासखंडवार बोवनी के स्थिति एक नजर में

विकासखंडलक्ष्य पूर्ति प्रतिशत

झाबुआ10346 5232 50.57

रामा 12151 6205 51.06

राणापुर 9364 5807 62.01

थांदला 11190 8270 73.90

पेटलावद 24540 18751 76.41

मेघनगर 8362 7293 87.21

बीज के 28 तो खाद के 54 नमूने लिए

रबी सीजन में अमानक खाद बीज वितरण पर रोक लगाने के लिए कृषि विभाग ने अभियान शुरू कर दिया है। अब तक खाद के 54 तो बीज के 28 नमूने लिए गए हैं। इन्हें जांच के लिए ग्वालियर स्थित लैब में भेजा जाएगा। यदि रिपोर्ट विपरीत आती है तो संबंधित विक्रेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। गौरतलब है कि विभाग को रबी सीजन में खाद के 62 तो बीज के 20 नमूने लेने का लक्ष्य मिला है।

जिले में बोवनी की स्थिति

फसललक्ष्य पूर्ति

गेहूं44500 31760

जौ/मक्का 3500 2074

चना 27500 17563

मटर 200 127

मसूर 50 -

सरसो 50 57

अरंडी 150 27

अन्य 3 -

योग 75953 51608

जिम्मेदार बोले

^इस बार हालात जरूर कुछ विपरीत हैं। अभी अंतिम रिपोर्ट आना बाकी है। तय लक्ष्य से 80 प्रतिशत तक बोवनी होने का अनुमान है। एसएनसेन,उप संचालक,कृषि

^जिले में अमूमन 10 दिसंबर तक रबी की बोवनी निपट जाती है। इसके बाद गिने-चुने किसान ही फसल लगाते हैं। जिस तरह के हालात बन रहे हैं, उससे निश्चित तौर पर उत्पादन में भी गिरावट सकती है। डॉ.आईएस तोमर, वरिष्ठकृषि वैज्ञानिक, केवीके

झाबुआ. रबी की बोवनी पिछड़ने से खेतों में फस