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शोभायात्रा में गूंजी दीक्षार्थियों की जय-जयकार
श्री वर्धमान स्थानक भवन में हुआ बहुमान कार्यक्रम
भास्करसंवाददाता | झाबुआ
जिसप्रकार किसी दरिद्र को चिंतामणी र| मिलने पर, कैदी को कैद से छूटने पर और पक्षी को पिंजरे से बाहर आने पर जो आनंद और सुख की अनुभूति होती है वही आनंद और सुख मुझे संयम मार्ग पर जाने से मिल रहा है।
यह बात रतलाम निवासी दीक्षार्थी बहन अंजलि चत्तर ने कही। वे श्री वर्धमान जैन स्थानक पर आयोजित बहुमान कार्यक्रम में बोल रही थी। यहां अंजलि बहन के साथ सैलाना निवासी दीक्षार्थी भाई शुभम मोगरा का भी बहुमान हुआ। दीक्षार्थी शुभम ने कहा हर जीव विकास चाहता है। भौतिक विकास के बजाय आत्मिक विकास ही यथार्थ विकास है। आत्मिक विकास संयम मार्ग पर पराक्रम से ही पाया जा सकता है। धर्म के बिना परम लक्ष्य की प्राप्ति नहीं हो सकती है। इससे पहले नगर में दोनों दीक्षार्थियों की शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें समाजजन दीक्षार्थी की जय-जयकार लगाते चल रहे थे। यात्रा प्रमुख मार्गों से होते हुए स्थानक भवन पहुंचा, जहां दीक्षार्थी के अनुमोदनार्थ श्री संघ की ओर से बहुमान सभा रखी गई। विमल कटकानी, संजय जैन, अतिशय देशलहरा, मूर्तिपूजक श्री संघ की ओर से संजय मेहता, तेरापंथ महासभा से मगनलाल गादिया ने अपने विचार व्यक्त किए। स्तवन एवं गीत के माध्यम से इंदिराबेन घोड़ावत, सुमन रुनवाल, विजय लक्ष्मी कटकानी, सोना कटकानी, नेहा घोड़ावत ने दीक्षार्थी को शुभकामनाएं दी। उल्लेखनीय है कि आचार्य प्रवर उमेश मुनिजी के शिष्य प्रवर्तक श्री जिनेंद्र मुनिजी की पावन निश्रा में सैलाना नगर में 1 फरवरी को ये दोनों दीक्षा ग्रहण करेंगे।
दीक्षार्थियोंका हुआ बहुमान
अंतमें दीक्षार्थी भाई शुभम दीक्षार्थी बहन अंजलि का शाल-श्रीफल भेंटकर श्री संघ की ओर से बहुमान किया गया। श्री वर्धमान स्थानक श्री संघ, श्री मूर्तिपूजक श्री संघ, श्री तेरापंथ महासभा, श्री जीवदया मंडल ने बहुमान किया। दीक्षार्थी भाई के माता-पिता राजर| एवं पूनमजी मोगरा तथा दीक्षार्थी बहन के माता-पिता विजय चत्तर एवं शकुंतला चत्तर का भी श्री संघ की ओर से शाल-श्रीफल से बहुमान किया गया।