- Hindi News
- आखिर बन ही गई कब्रिस्तान वाले मोड़ की सड़क
आखिर बन ही गई कब्रिस्तान वाले मोड़ की सड़क
इस मोड़ को लेकर बना हुआ था विवाद। जहां सात मीटर हिस्से में सड़क बनाई गई।
^ प्रशासन ने सभी को साथ में लेकर सड़क निर्माण करवाया है। मोड़ पर बार-बार वाहनों को रही परेशानी अब नहीं आएगी। अम्बारामपाटीदार, एसडीएम
^तिराहे को बहुत सुंदर बनाया जाएगा। हालांकि ये प्रोजेक्ट में शामिल नहीं है, फिर भी मैं ठेकेदार से व्यक्तिगत अनुरोध कर इसको बनवाने का प्रयास करूंगा। -बीपी बौरासी, डीएमएमपीआरडीसी
तिराहे का होगा सौंदर्यीकरण
सड़कनिर्माण के दौरान तिराहे पर छोड़ी गई जगह का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। एमपीआरडीसी के डीएम बौरासी ने बताया वे व्यक्तिगत प्रयास कर इस तिराहे का सौंदर्यीकरण करवाएंगे। तिराहे पर स्थित ट्रांसफार्मर को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा। ज्ञात रहे कब्रिस्तान तिराहे पर गत 30 वर्षों से सड़क कच्ची ही थी। आए दिन यहां वाहन फंस रहे थे।
सदर के नेतृत्व में समाज का प्रतिनिधिमंडल झाबुआ जाकर कलेक्टर से मिला, इसके बाद मोड़ पर 7 मीटर सड़क बनाने पर बनी सहमति
भास्करसंवाददाता | राणापुर
लंबेसमय से विवाद में उलझे कब्रिस्तान वाली मोड़ पर आखिरकार पक्की सड़क बन ही गई। बुधवार को मोड़ पर सड़क बनवाने में असफल प्रशासन को गुरुवार को सफलता मिली। मौके पर किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा।
गुरुवार सुबह कलेक्टर बी. चंद्रशेखर से सदर मोहम्मद अली सैयद के नेतृत्व में समाज का प्रतिनिधिमंडल मिला। बैठक में एसडीएम अम्बाराम पाटीदार, एमपीआरडीसी के डीएम बीपी बौरासी भी मौजूद थे। कलेक्टर से सारी स्थिति पर चर्चा करने के बाद मोड़ पर 7 मीटर सड़क बनाई जाने की सहमति बनी। पश्चात दोपहर एक बजे मोड़ पर सड़क निर्माण की कवायद शुरू की गई। इसे देख धीरे-धीरे वहां लोगो की आवाजाही बढ़ने लगी। 2 बजे बाद एसडीओपी रचना भदौरिया एवं एसडीएम पाटीदार पहुंचे। इसके साथ ही सड़क कंपनी का लाव लश्कर मशीनों के साथ पहुंच गया। लाइनिंग डालने के साथ ही काम शुरू हो गया। देखते ही देखते सड़क ने आकार ले लिया। 5 बजे तक तो कच्ची उबड़ खाबड़ सड़क की जगह डामर की पक्की सड़क चमचमाने लगी। मोड़ पर 7 मीटर की पक्की सड़क बनाई गई। ढाई मीटर का साइड में शोल्डर पैक बनाया गया। नगरी क्षेत्र में एमपीआरडीसी द्वारा सड़क की चौड़ाई 10 मीटर रखी जाती है परंतु यहां विवाद की स्थिति को देखते हुए चौड़ाई कम रखी गई। सड़क बनने के साथ ही लंबे समय से चला रहा विवाद भी समाप्त