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जटिल कर्मों को नष्ट करती है तप-आराधना- रजतचंद्र विजयजी

7 वर्ष पहले
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जटिल कर्मों को नष्ट करती है तप-आराधना- रजतचंद्र विजयजी

मेघनगर | मोहनखेड़ाजैन यात्रिक धर्मशाला प्रागंण स्थित गौड़ी पार्श्वनाथ भगवान के मंदिर में 14 से 18 दिसंबर तक तीन दिवसीय जन्म कल्याण महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव में निश्रा प्रदान करने बुधवार को प्रवचनकारक मुनिश्री रजतचंद्र विजयजी का नगर प्रवेश हुआ। झाबुआ रोड से समाजजनों ने उनकी अगवानी की। सुमतीनाथ भगवान मंदिर होते हुए मुनिश्री आयोजन स्थल गौड़ी पार्श्वनाथ मंदिर पहुंचे, जहां देव वंदन पश्चात धर्मसभा हुई। संबोधित करते हुए मुनिश्री रजतचंद्र विजयजी ने कहा जप, तप, आराधना जटिल से जटिल कर्मों को नष्ट कर देता है। आराधना के मार्ग पर चलने से जीवन में सुख मिलता है। इसलिए सुख तथा सन्मति के लिए प्रभु की भक्ति कर जीवन धन्य करें। तीन दिवसीय अष्ठम तप में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर पुण्य का अर्जन करें।