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11 खंडपीठों में सुलह से निपटेंगे 6 हजार मामले, समझौते पर मिलेगा न्याय वृक्ष

7 वर्ष पहले
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कौन-कौन सी खंडपीठ

जिलान्यायालय में शनिवार को आयोजित होने वाली मेगा लोक अदालत में करीब 2 हजार से अधिक मामले सुलझने की उम्मीद है। जिला मुख्यालय सहित तहसील स्तर पर करीब 6 हजार प्रकरणों के निपटारे के लिए 11 खंडपीठों का गठन किया गया है। अकेले जिला मुख्यालय पर ही 6 खंडपीठ में मामलों की सुनवाई कर आपसी समझौते से प्रकरणों के निराकरण का प्रयास किया जाएगा। समझौता होने पर पक्षकार को एक पौधा दिया जाएगा। जिसे न्याय वृक्ष नाम दिया गया है।

जिला मुख्यालय, तहसील थांदला एवं पेटलावद में जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भरत पी. माहेश्वरी के मार्गदर्शन में नेशनल मेगा लोक अदालत आयोजित की जा रही है, जिसकी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। राजीनामा योग्य मामलों के निपटारे के लिए संबंधित लोगों को नोटिस दिए गए हैं। जिला न्यायालय परिसर में लोक अदालत की शुरुआत शनिवार सुबह 10 बजे बाद होगी। इसके पश्चात न्यायालय परिसर में सुनवाई और समझौतों का सिलसिला मामला हल हो जाने तक जारी रहेगा। जिला न्यायालय में 6 खंडपीठ रहेंगे, जबकि थांदला पेटलावद में 2-2 तथा 1 सहकारिता विभाग के प्रकरणों का निराकरण करने के लिए उपायुक्त सहकारिता की खंडपीठ गठित की गई है। जिला विधिक सहायता अधिकारी दिग्विजय सिंह ने बताया लोक अदालत में 2088 न्यायालयीन प्रकरण, प्रीलिटिगेशन के अंतर्गत बैंक ऋण, दूरसंचार विभाग नगर पंचायत से संबंधित कुल 4071 प्रकरण रखे जाएंगे। पक्षकारों को समझौता करने पर वन विभाग की ओर से फलदार पौधा दिया जाएगा। थांदला पेटलावद तहसील के लिए भी पौधों की व्यवस्था हो चुकी है।

इनप्रकरणों का होगा निराकरण

नेशनललोक अदालत में न्यायालयों में समझौता योग्य विचाराधीन मोटर दुर्घटना के क्लेम, वैवाहिक, भरण-पोषण, व्यवहारवाद, आपराधिक, चेक बाउंस, प्रीलिटिगेशन, राजस्व न्यायालय के राजस्व, दांडिक, श्रम विभाग, सहकारिता विभाग, प्लीबार्गेनिंग, विद्युत अधिनियम, मनरेगा योजना के प्रकरण, शिक्षा विभाग, जनपद पंचायत एवं अन्य विभागों के प्रकरणों का निराकरण आपसी सुलह समझौते के माध्यम से किया जाएगा।

यह होगा फायदा

>दोनों पक्षकारों को न्याय प्राप्त होगा।

> राजीनामा होने से पक्षकारों के मध्य आपसी संबंध अच्छे बने रहेंगे।

> लोक अदालत के माध्यम से निपटाए गए मामलों का स्थायी निराकरण होगा, इसमें आगे अपील नहीं की जा सकेगी।