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‘दर्शन दो घनश्याम नाथ मोरी अखियां प्यासी रे’

7 वर्ष पहले
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एक नजर

दर्शनदो घनश्याम नाथ मोरी अखियां प्यासी रे..., आज है आनंद मारा मन ना मंदिर में...लाखे बेसिये रे करोड़े लुटिए रे तम तो भजनतणा वेपारी...। अपने गुरु को समर्पित भजनों के ये स्वर बुधवार को पूरे समय गोपाल मंंदिर में गंूजते रहे। अवसर था सद्‌गुरु घनश्याम प्रभुजी ‘छोटे बाबजी’ का जन्म शताब्दी महोत्सव का। बुधवार को तीन दिवसीय महोत्सव के अंतिम दिन आस्था की ऐसी बारिश हुई कि उसमें चार राज्यों से आए करीब एक हजार से अधिक गुरुभक्त सराबोर हो गए। दोपहर 12 बजे महाआरती कर भगवान को छप्पन भोग का नैवेद्य लगाया। बाद में इसे प्रसादी के रूप में वितरित किया।

महोत्सव में हाईकोर्ट जज नरेशकुमार गुप्ता, सांसद दिलीपसिंह भूरिया, विधायक शांतिलाल बिलवाल, युवा नेता डॉ. विक्रांत भूरिया खास तौर से सम्मिलित हुए। महोत्सव के तहत सुबह 8 बजे से ही गोपाल मंदिर में गुरुभक्तों के आने का सिलसिला प्रारंभ हो गया था। प्रदेश सहित गुजरात, राजस्थान महाराष्ट्र राज्य से भी गुरुभक्त पहुंचे। प्रात: 9 बजे गुरुपाद पूजन भजनांजलि का कार्यक्रम हुआ। इसके पश्चात भजन-कीर्तन का दौर शुरू हो गए। वक्त बीतने के साथ भजनों के स्वर तेज होते चले गए। इस दौरान सभी भक्त भाव विभोर होकर नाचने लगे। दोपहर 12 बजे महाआरती की गई। इसके पश्चात म्हारा रस भीना गोपाल तमे केम करी जिमाडू रे भजन गाकर छप्पन भोग अर्पित किया गया।

04 राज्यों से आए श्रद्धालु

1000 से अधिक गुरुभक्तों की रही मौजूदगी

जन्म शताब्दी महोत्सव के तहत बुधवार को भगवान को छप्पन भोग का नैवेद्य लगाया जाना था। इसके लिए हर गुरुभक्त की इच्छा थी कि उसे यह पुण्य लाभ मिलें। ऐसे में गोपाल मंदिर ट्रस्ट ने सभी गुरुभक्तों के नामों की पर्ची डालकर निर्णय किया। करीब 81 गुरुभक्तों को प्रसाद के लिए अलग-अलग व्यंजन लाने का लाभ मिला।

पर्ची से तय किए छप्पन भोग के लाभार्थियों के नाम

झाबुआ. घनश्याम प्रभु के जन्म शताब्दी महोत्सव के तहत भजन कीर्तन हुए। इसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लिया।

भास्कर संवाददाता | झाबुआ

दर्शनदो घनश्याम नाथ मोरी अखियां प्यासी रे..., आज है आनंद मारा मन ना मंदिर में...लाखे बेसिये रे करोड़े लुटिए रे तम तो भजनतणा वेपारी...। अपने गुरु को समर्पित भजनों के ये स्वर बुधवार को पूरे समय गोपाल मंंदिर में गंूजते रहे। अवसर था सद्‌गुरु घनश्याम प्रभुजी ‘छोटे बाबजी’ का जन्म श