स्कूल में आकार ले रहा मॉडल शौचालय
मप्र डिप्लोमा इंजीनियर्स की पहल, सेनेटरी नेपकीन मशीन भी लगाएंगे
भास्करसंवाददाता | झाबुआ
जिलामुख्यालय स्थिति शासकीय कन्या उमावि में मॉडल शौचालय आकार ले रहा है। निर्माण के बाद यहां खास तौर से सेनेटरी नेपकीन मशीन लगाई जाएगी। इस तरह का यह पहला प्रयोग है।
पहल मप्र डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन की है। एसोसिएशन ने स्वच्छता अभियान के तहत शासकीय कन्या उमावि को गोद लिया है। स्कूल में करीब 1 हजार छात्राएं पढ़ती है। इतनी छात्राओं के लिए स्कूल में शौचालय के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। गंदगी भी एक बड़ी समस्या थी। स्थिति को देखते हुए एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने स्कूल परिसर में स्थित एक 15 साल पुराने जीर्ण-शीर्ण कक्ष को मॉडल शौचालय में तब्दील करने का निर्णय लिया। पूरी योजना बनाकर यहां काम शुरू भी कर दिया गया। फिलहाल भवन के प्लास्टर का काम हो चुका है। इसके अलावा अंदर अलग-अलग यूनिट बनाई जा रही है। अलग से एक सेनेटरी नेपकीन मशीन भी रखी जाएगी, जो स्वच्छता अभियान की दिशा में एक अहम कदम होगा। यहां वॉश बेसिन भी लगाएंगे। पूरे कार्य पर करीब दो लाख रुपए लागत आएगी।
पूरे जिले के लिए मॉडल होगा
^मप्रडिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन द्वारा संस्था में मॉडल शौचालय का निर्माण किया जा रहा है। यह पूरे जिले के लिए मॉडल होगा। आरपीवर्मा, प्राचार्य, शासकीय कन्या उमावि, झाबुआ
प्रदेश में 6 स्कूलों का चयन
मप्रडिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन के प्रांतीय प्रवक्ता धर्मेंद्रसिंह तोमर ने बताया पहले चरण में प्रदेश के 6 जिलों में एक-एक कन्या शाला का चयन किया गया है जहां मॉडल शौचालय का निर्माण किया जाएगा। इनमें छिंदवाड़ा की कन्या प्राथमिक शाला परतला, टिकमगढ़¸ की कन्या प्रावि समदरा, सागर की कन्या उमावि, बैतूल की कन्या प्रावि कोठीबाजार तथा भोपाल में कन्या उमावि भेल शामिल है। तोमर ने बताया भविष्य में इस अभियान को अन्य जिलों मे भी लागू किया जाएगा।
शहर की कन्या हाईस्कूल में बन रहा है मॉडल शौचालय