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स्वच्छ शौचालयों के निर्माण के लिए अब सरपंच नहीं कर पाएंगे भुगतान

6 वर्ष पहले
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गड़बड़ियों पर अंकुश लगाने सरपंचों से छीने चेक काटने के पावर

भास्करसंवाददाता| मुरैना

स्वच्छशौचालयों के निर्माण में तेजी लाने गड़बड़ियों पर अंकुश लगाने के लिए शासन ने सरपंचों के हाथ से चेक काटने के पावर छीन लिए हैं। जिला पंचायत ने एक फरमान जारी कर जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों सरपंचों से इस मद के तीन करोड़ रुपए तीन दिन की समयावधि में वापस मांगे हैं।

जिला पंचायत ने समग्र स्वच्छता अभियान, निर्मल भारत अभियान स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत स्वच्छ शौचालय बनाने के लिए पोरसा, अंबाह, मुरैना, जौरा, कैलारस, सबलगढ़ पहाड़गढ़ की जनपद पंचायतों सहित ग्राम पंचायत के खातों में वर्ष 2011 से लेकर अब तक तीन करोड़ रुपए की राशि जारी की थी। स्वच्छ शौचालय निर्माण की कमजोर प्रगति वित्तीय अनियमितताओं को देखते हुए शासन ने इस अभियान को अपडेट करने के साथ संचालित करने का निर्णय लिया है। तब तक सभी सीईओ जनपद सरपंचों को हिदायद दी गई है कि वह स्वच्छ शौचालय निर्माण के संबंध में कोई भी भुगतान नहीं करेंगे। ऐसा पाए जाने पर वह खुद को दोषी बना लेंगे और 24 जनवरी के बाद भुगतान प्रमाणित होने की दशा में सीईओ जनपद सरपंचों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की जाएगी।

स्वच्छ भारत मिशन द्वारा शौचालय बनाने का लक्ष्य अधूरा।

ये है नया प्लान

गांवोंमें स्वच्छ शौचालय बनवाने के लिए अब हितग्राही को सीधे 12 हजार रुपए का भुगतान किया जाएगा। यदि वह स्वयं स्वच्छ शौचालय का निर्माण कर भुगतान के लिए आवेदन करता है। ग्राम पंचायत स्वच्छ शौचालय निर्माण कराती हैं तो उनकी अनुशंसा पर रॉ मैटेरियल, लेबर आदि का भुगतान बैंक से संबंधित पार्टी के बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाएगा।

नहींलौटाए पैसे

जिलापंचायत से फरमान जारी किए जाने के बाद भी जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों सहित सरपंचों ने स्वच्छ भारत मिशन के शेष बजट को जिला पंचायत की जल स्वच्छता समिति के बैंक खाता क्रमांक 53021214608 में जमा नहीं कराया है। जिला पंचायत ने स्वच्छ शौचालय बनवाने के लिए तीन करोड़ रुपए जारी किए थे।

अभी तक सिर्फ 20 फीसदी ही टॉयलेट बन पाए

जिलेके सात विकासखंडों की 189 ग्राम पंचायतों को 15950 स्वच्छ शौचालय बनाने का लक्ष्य दिया गया था। दिसंबर तक उनमें से 6078 टॉयलेट बना दिए गए हैं। 9872 टॉयलेट बनाया जाना शेष हैं। शेष टॉयलेट अब शासन की नई प्रक्रिया के तहत बनवाए जाएंगे और उनके पेमेंट का मोड भी नया होगा। जानकारी के मुताबिक पोरसा ब्लाक में 179, अंबाह में 4541, मुरैना में 1711,जौरा में 714, पहाडग़ढ़ में 1204, कैलारस में 776 सबलगढ़ में 747 टॉयलेट बनाया जाना शेष है।