- Hindi News
- दस दस बार चुके हैं, यूरिया का एक कट्टा भी नहीं मिला
दस-दस बार चुके हैं, यूरिया का एक कट्टा भी नहीं मिला
खाद को लेकर किसानों ने निकाली रैली
जिलेके एक दर्जन गांवों से यूरिया की मांग लेकर शहर आए सैकड़ों किसानों को गुरुवार को भी मायूस होकर लौटना पड़ा। उनके ट्रैक्टर-ट्रॉली का भाड़ा भी खर्च हुआ और उन्हें खाद भी नहीं मिली। यूरिया मिलने से गेहूं की फसल सूखने की कगार पर गई है। किसानों को जिला विपणन अधिकारी एमएस राजपूत ने यह कहकर संतुष्ट करने की कोशिश की कि शुक्रवार को 200 टन खाद उपलब्ध हो जाएगा, तब यहां से किसानों को दो-दो कट्टे प्रति किताब के हिसाब से वितरित किए जाएंगे।
खालीपड़ा था गोदाम : दैनिकभास्कर ने मौके पर देखा कि मार्कफेड का गोदाम खाली पड़ा था। यह वही गोदाम है, जिसमें एक सप्ताह पहले 34 कट्टा खाद रखा था, जिसमें से किसानों ने कर्मचारियों को एक कक्ष में बंद करके गोदाम का ताला तोड़कर 15 कट्टे खाद लूट लिया था। आज वह गोदाम खाली पड़ा था।
कैलारस. यूरियाखाद उपलब्ध कराने की मांग को लेकर किसानों ने गुरुवार को कैलारस में रैली निकालकर मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाने की मांग भी की। किसानों की रैली थाने के सामने से शुरू होकर नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई तहसील कार्यालय पर पहुंची। रैली में शामिल किसान शासन प्रशासन के खिलाफ नारे लगा रहे थे। तहसील कार्यालय पर किसानों को संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश किसान सभा के जिला महासचिव गयाराम सिंह धाकड़ ने कहा कि केन्द्र राज्य में भाजपा की सरकार है लेकिन खाद का संकट फिर भी दूर नहीं हो पा रहा है। यूरिया की किल्लत के मुद्दे पर मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री का कोई बयान किसानों को टीवी में सुनने अखबारों में पढ़ने के लिए नहीं मिल रहा है। जबकि यूरिया खाद की कमी पूरे देश में चल रही है। वहीं ब्लाक कांग्रेस कमेटी ने भी गुरुवार को खाद संकट दूर करने के सवाल पर राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा।
दो कट्टे के हिसाब से बंटेगा
^खाद की रैक आज (गुरुवार) शाम ग्वालियर उतरने वाली है। उसमें से 200 टन खान मुरैना को मिलेगा जो शाम तक पाएगा। फिर शुक्रवार को यहां एक किताब पर दो कट्टे के हिसाब से उसे किसानों को वितरण करेंगे। एमएसराजपूत, जिलाविपणन अधिकारी मुरैना
कैलारस में खाद मिलने पर प्रदर्शन करते माकपा कार्यकर्ता।
सोसाइटियां भी नहीं दे रहीं खाद
परीक्षागांव के वीरेंद्र तोमर, गंजरामपुर के