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ठाकुर बाबा के स्थान पर मिलती है श्रद्धालुओं पर बीमारियों से निजात
सबलगढ़से 12 किलोमीटर दूर चंबल नदी किनारे अटार घाट स्थित जहार सिंह ठाकुर बाबा नामक स्थान मप्र राजस्थान के लोगों के लिए गहरी आस्था का केंद्र बना हुआ है। यहां प्रत्येक सोमवार को मेला लगता है। इस मेले में हजारों लोग कैंसर, फोड़ा-फुंसी गठान का इलाज कराने आते हैं। मान्यता है कि बाबा की भभूति लगाने से उक्त पीड़ा ठीक हो जाती है। दिनभर चलने वाले इस मेले में ग्रामीण अंचल के लोग तरह-तरह की वस्तुएं बेचकर अपने घरों का गुजारा भी कर रहे हैं।
बुजुर्गों के मुताबिक ठाकुर बाबा स्थान लगभग 500 साल पुरा है। अटार गांव में रहने वाले स्व. अर्जुन सिंह का परिवार प्रचीन समय से इस स्थान की पूजा-अर्चना करता चला रहा है। वर्तमान में उनके बेटे उम्मेद सिंह देखभाल कर रहरे हैं। वे बताते हैं श्रद्धालु अपने घरों से बीमारियां भागने के लिए यहां हाथ में झाड़ू नारियल, चना-रेवड़ी का प्रसाद लेकर आते हैं। ठाकुर बाबा के स्थान पर प्रसाद चढ़ने के बाद श्रद्धालू हवन कुंड में से भभूति लेकर शरीर के उस भाग पर लगाते हैं जहां कैंसर की गठान अथवा फोड़ा-फुंशी होता है। पुजारी बताते हैं कि अभी तक सैकड़ों लोग ठाकुर बाब के आर्शीवाद से ठीक हो चुके हैं।
दूर-दूरसे आते हैं श्रद्धालू
अटारघाट स्थित ठाकुर बाबा स्थान पर लगने वाले मेले में सबलगढ़, बीरपुर, विजयपुर, श्यौपुर, कैलारस, जौरा, मंडराइल, करौली आदि क्षेत्र के लोग बीमारियों से मुक्ति पाने सोमवार को चंबल नदी किनारे पहुंचते हैं।
भास्कर संवाददाता| सबलगढ़
सबलगढ़से 12 किलोमीटर दूर चंबल नदी किनारे अटार घाट स्थित जहार सिंह ठाकुर बाबा नामक स्थान मप्र राजस्थान के लोगों के लिए गहरी आस्था का केंद्र बना हुआ है। यहां प्रत्येक सोमवार को मेला लगता है। इस मेले में हजारों लोग कैंसर, फोड़ा-फुंसी गठान का इलाज कराने आते हैं। मान्यता है कि बाबा की भभूति लगाने से उक्त पीड़ा ठीक हो जाती है। दिनभर चलने वाले इस मेले में ग्रामीण अंचल के लोग तरह-तरह की वस्तुएं बेचकर अपने घरों का गुजारा भी कर रहे हैं।
बुजुर्गों के मुताबिक ठाकुर बाबा स्थान लगभग 500 साल पुरा है। अटार गांव में रहने वाले स्व. अर्जुन सिंह का परिवार प्रचीन समय से इस स्थान की पूजा-अर्चना करता चला रहा है। वर्तमान में उनके बेटे उम्मेद सिंह देखभाल कर रहरे हैं। वे बताते हैं श्रद्धालु अपने घरों से बीमारियां भागने के लिए यहां हाथ में झाड़ू नारियल, चना-रेवड़ी का प्रसाद लेकर आते हैं। ठाकुर बाबा के स्थान पर प्रसाद चढ़ने के बाद श्रद्धालू हवन कुंड में से भभूति लेकर शरीर के उस भाग पर लगाते हैं जहां कैंसर की गठान अथवा फोड़ा-फुंशी होता है। पुजारी बताते हैं कि अभी तक सैकड़ों लोग ठाकुर बाब के आर्शीवाद से ठीक हो चुके हैं।
दूर-दूरसे आते हैं श्रद्धालू
अटारघाट स्थित ठाकुर बाबा स्थान पर लगने वाले मेले में सबलगढ़, बीरपुर, विजयपुर, श्यौपुर, कैलारस, जौरा, मंडराइल, करौली आदि क्षेत्र के लोग बीमारियों से मुक्ति पाने सोमवार को चंबल नदी किनारे पहुंचते हैं।
अटार घाट स्थित ठाकुर बाबा का स्थान