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सांसद ने चार साल पहले शिलान्यास किया फिर भी नहीं बना गर्ल्स हॉस्टल
60 लाख रुपए की लागत से बनने वाले हॉस्टल के लिए आवंटित जमीन में झाड़ियां उग रहीं हैं तथा नींव के लिए बनाए गए पिलर भी खराब हो रहे हैं।
भास्करसंवाददाता|सबलगढ़
शासकीयनेहरु कॉलेज का हॉस्टल स्वीकृति के चार साल बाद भी नहीं बन पाया है। जबकि इसका शिलान्यास तत्कालीन सांसद एवं वर्तमान में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर द्वारा वर्ष 2010 में किया गया था। छात्रावास का निर्माण नहीं होने से ग्रामीण इलाके में रहने वाली छात्राओं के अलावा अलावा वीरपुर, विजयपुर, रायपुर, झुंझपुरा, कैलारस क्षेत्र की कई लड़कियां उच्च शिक्षा लेने रोजाना सबलगढ़ कॉलेज नहीं पातीं। ऐसे में छात्राओं की उच्च शिक्षा प्रभावित होने के साथ-साथ उन्हें सबलगढ़ आने-जाने में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
यहां बताना जरूरी है कि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा शासकीय नेहरु कॉलेज में 50 सीटर छात्रावास निर्माण के लिए वर्ष 2010 में केवल स्वीकृति दी, बल्कि कुछ समय बाद 25 लाख रुपए की प्रथम किश्त भी जारी कर दी। इसी दौरान सांसद बनने के बाद नरेंद्र सिंह तोमर ने नेहरू कॉलेज परिसर में छात्रावास निर्माण की आधारशिला भी रखी। संबंधित ठेकेदार द्वारा इसके बाद छात्रावास के नक्शे के अनुसार पिलर भी लगाए गए। लेकिन इसके बाद उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों की उदासीनता के चलते ठेकेदार ने काम बंद कर दिया। वर्तमान में जिस जगह छात्रावास के पिलर खड़े हैं वहां बड़ी-बड़ी घनी झाड़ियां उग रहीं हैं तथा पिलर भी लगभग पूरी तरह खराब हो चुके हैं।
सबलगढ़। नेहरु कॉलेज में अधूरा पड़ा छात्रावास का निर्माण।
बजट की है कमी
^उच्चशिक्षा विभाग द्वारा प्रथम किश्त जारी करने के बाद शेष राशि नहीं भेजी। इस कारण ठेकेदार ने पैसे के अभाव में काम बंद कर दिया है। राशि उपलब्ध होते ही छात्रावास कर निर्माण करा दिया जाएगा।\\\'\\\' बीएसगुर्जर, कार्यपालनयंत्री पीडब्लूडी
हफ्ते में एक-दो बार ही पहुंच पाती हूं कॉलेज
^मैंहफ्ते में एक दो बार ही कॉलेज जा पाती हूं क्योंकि बस से रोजाना कॉलेज आना-जाना संभव नहीं हो पाता। कॉलेज में छात्रावास बन जाता तो वहां रहने से पढ़ाई प्रभावित नहीं होती।\\\'\\\' रचनामाहोर, बीएप्रथम वर्ष टेंटरा
आने-जानेमें हो रहा अतिरिक्त खर्च
^बससे कॉलेज आते में कई तरह की परेशानी होती है तथा अभिभावकों को भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। \\\'\\\' रमा,बीएप्रथम व