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श्रीरामचरित मानस जैसा संसार में दूसरा ग्रंथ नहीं: व्यास

5 वर्ष पहले
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पारिवारिक, सामाजिक, राष्ट्रीय एवं विश्व स्तरीय समस्याओं का संपूर्ण समाधान श्रीराम चरित मानस है। विश्व के संपूर्ण साहित्य में रामचरित मानस जैसा अन्य कोई दूसरा ग्रंथ नहीं है। मानवीय मूल्यों के बिना मानव दानव बनता जा रहा है। इस भटकाव को दूर करने के लिए रामचरित मानस का अध्ययन करना आवश्यक है। यह प्रवचन गुरुवार को रजौधा गांव स्थित गढ़ी माता मंदिर पर आयोजित रामकथा में तिरुपति बालाजी धाम से आए महंत अरविंद व्यास श्रद्धालुओं को सुना रहे थे। मालूम हो कि रजौधा गांव में क्षेत्रीय विधायक सुबेदार सिंह सिकरवार द्वारा व्यापक स्तर पर रामकथा का आयोजन कराया जा रहा है। रामकथा के समापन अवसर पर 14 फरवरी को मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इस आयोजन में शामिल होने रजौधा आ रहे हैं। वे इस धार्मिक यज्ञ में शामिल होकर पूर्ण आहुति देंगे। रामकथा मे प्रवचन सुना रहे महंत व्यासजी ने बताया कि वर्तमान में मनुष्य दिशाहीन, उद्देश्य विहीन होकर भटक रहा है। समस्याओं से मुक्त रहने के लिए मनुष्य को रामचरित मानस व भागवत गीता के सिद्धांतों के अनुरूप अपना आचरण रखना होगा।

रामकथा सुनाते तिरुपति बालाजी के महंत एवं पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु।

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