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जंगलों पर माफियाओं की नजर, कट रहे पेड़

6 वर्ष पहले
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मुख्य वनसंरक्षक एवं वन संरक्षक ने किया दौरा, नहीं थम रहा पेड़ों का कटना

अनदेखी

खातेगांव. जंगल में इस तरह पेड़ काटे जा रहे हैं।

भास्कर संवदादाता| खातेगांव

देवासएवं सीहोर जिले की सीमा से लगे खातेगांव क्षेत्र के जंगल में लंबे समय से लकड़ी माफिया सक्रिय हैं। सागवान काटकर हरे-भरे वन को बंजर भूमि में तब्दील कर रहे हैं। विभाग की अनदेखी के चलते जंगलों का तेजी से सफाया होता जा रहा है। विक्रमपुर बीट नंबर 269 में कई सागवान के पेड़ काट दिए गए हैं। खातेगांव परिक्षेत्र के विक्रमपुर, मनोरा, हरणगांव के जंगल में अवैध रूप से सागवान कटाई जारी है। ग्रामीण बताते हैं सागवान के पेड़ काटने के लिए दर्जनों लोगों की टोली आती है। माफिया एवं वनकर्मियों के बीच पहले कई बार संघर्ष की स्थिति बन चुकी है। वनकर्मियों की संख्या कम होने एवं वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा घटनाएं मालूम होने के बाद भी कड़ा रुख नहीं अपनाने से मैदानी स्टाफ का मनोबल कमजोर हो गया है। पिछले मंगलवार-बुधवार की रात हरणगांव सब रेंज की उमेड़ा बीट कक्ष क्र. 249 उमेड़ा कालीबाई के बीच 60 सागवान के पेड़ काटकर वहां से लकड़ी ले जाने में माफिया सफल हो गए। अवैध लकड़ी से भरा ट्रक आष्टा वन विभाग ने जब्त किया।

सीमासे बाहर कैसे हुआ वाहन

ग्रामीणोंने बताया उमेड़ा-कालीबाई के बीच से काटे गए पेड़ों की लकड़ी लोडिंग वाहन से ले गए। उमेड़ा जंगल से व्हाया कुसमानिया होते हुए वाहन आष्टा कैसे पहुंचा। सिया घाट वन चौकी पर कन्नौद वन परिक्षेत्र का अमला दिन-रात तैनात रहता है। इधर, पेड़ काटने की खबर मिलते ही बुधवार को वन संरक्षक अशोक बारोनिया एवं मुख्य वन संरक्षक उज्जैन ने जंगल में निरीक्षण किया।

^लकड़ीचोरों की पहचान के लिए जांच की जा रही है। लकड़ी जब्त कर ली है। एक-दो दिन में लकड़ी चोर गिरफ्त में होंगे, विभागीय कर्मचारियों की लापरवाही होगी तो उन्हें भी दंडित किया जाएगा। -प्रदीपपाराशर, एसडीओ वन