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संशि-गुरुजी नहीं हटेंगे, अध्यापक नियमित जाएंगे दूसरे स्कूलों में
इन शर्तों के साथ ही होगी काउंसलिंग
स्वेच्छा से नहीं गए तो प्रशासनिक तबादले
शासननिर्देशानुसार पहले चरण में युक्तियुक्तरण के लिए चिह्नित अतिशेष शिक्षकों को स्वैच्छिक काउंसलिंग के जरिए एक शाला चुनने का मौका दिया जाएगा। वे रिक्त पदों वाली शाला में जा सकते हैं। यदि सूची में नाम होने के बावजूद वे स्वेच्छा से शाला नहीं चुनते तो दूसरे चरण में प्रशासनिक आदेश कर उन्हें यथास्थान पदस्थ करने के आदेश दिए जाएंगे। इसमें शिक्षक या अध्यापक संवर्ग को शाला चुनने का अवसर नहीं रहेगा।
अनुभागस्तर पर होगी काउंसलिंग
प्रारंभिककार्यक्रम के अनुसार देवास विकासखंड के लिए स्वैच्छिक काउंसलिंग देवास में होगी। सोनकच्छ टोंकखुर्द ब्लॉक के लिए सोनकच्छ में, कन्नौद, खातेगांव और बागली के लिए मुख्यालय स्तर पर की जाएगी। इसके लिए अनुभाग स्तर के अधिकारियों को जिम्मा दिया गया है।
युक्तियुक्तकरणको लेकर काउंसलिंग होना है
^जिले में अतिशेष िशक्षकों की सूची के अभ्यावेदनों के निराकरण के बाद युक्तियुक्तकरण को लेकर काउंसलिंग होना है। 17 दिसंबर को काउंसलिंग होगी। -रामेश्वरखेड़े, डीईओ,जिला शिक्षा अधिकारी, देवास।
> संविदा शाला शिक्षक और गुरुजी के पद स्थानांतरणीय नहीं है, पदस्थापना की यह नीति उन पर लागू नहीं होती।
> अध्यापक संवर्ग के अतिशेष शिक्षकों की पदस्थापना किसी भी स्थिति में एक निकाय से दूसरे निकाय में नहीं की जा सकती।
> अतिशेष शिक्षकों को शहरी क्षेत्र से ग्रामीण क्षेत्र में पदस्थ कर सकते हैं लेकिन किसी भी स्थिति ग्रामीण क्षेत्र से शहरी क्षेत्र में पदस्थ नहीं किया जा सकेगा।
> मावि के रिक्त पदों पर यूडीटी/अध्यापक एवं प्राथमिक शाला के रिक्त पदों पर सहायक शिक्षक/सहायक अध्यापक की पदस्थापना की जाए।
> मावि में अतिशेष के रूप में चिह्नित शिक्षक के बदले संस्था का कोई अन्य शिक्षक उसी विषय का संस्था से स्वेच्छा से अन्य संस्था में जाना चाहता है तो दोनों की आपसी सहमति प्राप्त कर उसे अन्य संस्था में पदांकन कर सकेंगे। प्रावि में ऐसी स्थिति बनने पर भी दोनों के सहमति पत्र आवश्यक है।
> मावि शालाओं में कार्यरत हासे योग्यताधारी सहायक शिक्षक, सहायक अध्यापक को हटाते हुए अनिवार्य रूप से प्राथमिक शाला में पदस्थ किया जाएगा।
> मावि में शिक्षक, अध्यापक संविदा वर्ग-दो के कर्मचारी पद अनुसार होने पर विषयमान के