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जरूरत के समय यूरिया खत्म, देवास में फिर हंगामा
निजी क्षेत्र पर नजर रखना जरूरी
किसानोंने कहा कि एसडीएम द्वारा की जांच में निजी विक्रेताओं के यहां खाद आया और बाले-बाले चला भी गया, इसकी पुष्टि हुई है। संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही यह व्यवस्था की जाए कि देवास में जिन विक्रेताओं के यहां यूरिया आता है, वह उसकी सूचना प्रशासन को देकर विधिवत रूप से किसानाें को विक्रय करे। अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
भास्कर संवाददाता | देवास
जिलेमें डबल लॉक केंद्र और सहकारी समितियों के गोदाम खाली हो गए हैं जबकि रबी फसलों के किसान को अकेले दिसंबर में ही दो लाख बैग यूरिया चाहिए। हाटपीपल्या में एक बैग यूरिया नहीं है तो देवास और सोनकच्छ में भी 25 से 50 बैग उपलब्ध हैं। कन्नौद, खातेगांव का स्टॉक भी खाली होने वाला है। वर्तमान में जिले में सिर्फ 92 टन यानी लगभग 1840 बैग यूरिया उपलब्ध बताया गया है। देवास में नकद विक्रय केंद्र पर यूरिया नहीं मिलने पर सोमवार सुबह 11 बजे किसानों आैर महिलाओं ने फिर हंगामा कर दिया। एबी रोड पर चक्काजाम की कोशिश की लेकिन समय रहते बीएनपी और कोतवाली थानों का बल पहुंचा और जाम करने से रोक दिया। समझाइश दी कि खाद नकद विक्रय केंद्र पर ही मिलना है, यहां जाम करने से कोई मतलब नहीं। अफसर रहे हैं।
यह सुनते ही किसानों के साथ आए महिला, बच्चों और बुजुर्ग ने भी रोड छोड़कर लाइन में आगे लगने के लिए केंद्र के काउंटर तरफ दौड़ लगा दी। भारी धक्का मुक्की के बीच लाइन में लगे लेकिन वे तब निराश हो गए जब तहसीलदार सहित अन्य अधिकारियों ने आकर जानकारी दी कि यूरिया फिलहाल नहीं है। रेक आना है, चार दिन बाद खाद मिलेगा। किसानों ने विक्रेताओं पर खाद की कालाबाजारी का आरोप लगाया। कलेक्टर के नाम एक और आवेदन सौंपा जिसमें बताया कि किसानों को यूरिया नहीं मिल रहा है, दूसरी तरफ डीलर द्वारा कालाबाजारी की जा रही है। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। भास्कर ने यूरिया के खेरची विक्रय के बजाय बाले-बाले थोक विक्रय करने का खुलासा रविवार के अंक में किया था, किसानों ने उसी को आधार बनाया है। अधिकारी कार्रवाई जांच का आश्वासन देते रहे।
देवास. यूरिया की मांग कर रहे किसानों को समझाने का प्रयास करते हुए अधिकारी
भास्कर संवाददाता | देवास
जिलेमें डबल लॉक केंद्र और सहकारी समितियों के गोदाम खाली हो गए हैं जबकि रबी फसलों के किसान को अकेले दिसंबर में ह