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मंदिर में पूजा से रोकने पर भागवत ले थाने पहुंचे दलित, टीआई से हुई बहस

5 वर्ष पहले
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कन्नौद. पूजा करने से रोकने के विरोध में सिर पर भागवत पुराण लेकर थाने पहुंचे लोग।

भास्कर संवाददाता | कन्नौद

कन्नौद क्षेत्र के बहिरावद में दलित वर्ग द्वारा आयोजित भागवत के समापन पर भागवत कथा वाचक और समाजजन को हनुमान मंदिर में पूजा नहीं करने पर बवाल हो गया। नाराजगी देख नायब तहसीलदार ने गांव आकर ताला खुलवाया लेकिन लोग संतुष्ट नहीं हुए। विरोध में भागवत सिर पर रख कन्नौद थाने पहुंच गए और विरोध जताया। आरोप है कि समापन जुलूस के साथ मंदिर में पूजा करने गए थे लेकिन मंदिर समिति ने ताला लगवा दिया। थाने पर थाना प्रभारी के नाम आवेदन दिया जिसमें आरोप लगाया बहिरावद के मोहन, जगदीश, जगदीश, रामबिलास, रामनिवास, रेवाराम नामक लोगों ने मंदिर का ताला लगा दिया एवं अनुसूचित जाति वर्ग को अपशब्दों का प्रयोग करते हुए अभद्रता की। कार्रवाई कर गिरफ्तारी की मांग की।

थाना प्रभारी ने आक्रोशित लोगों से कहा मंदिर का ताला खुलवा दिया है तथा मंदिर समिति के लोगों को थाने बुलाया है। आप जाकर पूजन कर सकते हो। बावजूद ग्रामीण माथे पर भागवत पोथी रखकर लगभग 1 घंटे तक थाने पर रहे एवं थाना में ही पुलिस प्रशासन हाय-हाय के नारे लगाने लगे।

नायब तहसीलदार को रात 8.30 बजे ज्ञापन दिया
प्रदर्शन कर रहे एक युवा की नारेबाजी के दौरान टीआई से कहासुनी हो गई। इससे लोग थाने से एसडीएम कार्यालय पहुंच गए। यहां नायब तहसीलदार के समक्ष थाना प्रभारी को निलंबित करने तथा मंदिर समिति के पर कार्यवाही की मांग की। समाजजन एसडीएम के इंतजार में शाम छह से रात 8.30 बजे तक बैठे रहे लेकिन नर्मदा सेवा यात्रा की बैठकों में व्यस्त होने से एसडीएम नहीं आ सकीं। अंतत: नायब तहसीलदार को ज्ञापन देकर लौट गए।

बहिरावद में अनुसूचित जाति वर्ग की भागवत समापन पर मंदिर में ताला लगाने की सूचना मिली थी जिस पर नायब तहसीलदार ने पुलिस बल के साथ जाकर ताला खुलवाया। मैंने कोई अभद्रता नहीं की। आरके चतुर्वेदी, थाना प्रभारी

बहिरावद के लोगों के साथ घटना की लिखित जानकारी एवं कार्रवाई के लिए आवेदन देने कन्नौद थाने गया था। यहां आवेदन लेेने के बाद थाना प्रभारी ने मेरे साथ मारपीट की तथा मेरे साथ उपस्थित समाजजन को परिसर से बाहर निकाल दिया। ओमप्रकाश बाकलीवाल, अधिवक्ता कन्नौद

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