नेमावर के सिद्धेश्वर घाट पर गूंजे वैदिक मंत्र
नर्मदा जयंती पर नेमावर, खातेगांव, कन्नौद, पीपरी सहित जिलेभर में विभिन्न धार्मिक आयोजन हुए। नेमावर में मां नर्मदा के सिद्धेश्वर घाट पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ चिन्मयधाम आश्रम के संतश्री विठ्ठलरामसी ब्रह्मचारी बाबा के सान्निध्य में हजारों नर्मदा भक्तों ने पूजा-अर्चना की। जलजामुन के हरे पत्तों से निर्मित मंडप में आचार्य दिनेश व्यास, हरीश शर्मा, शीतल पंडा, दिलीप व्यास, मंगलेश व्यास, सत्यनारायण व्यास ने रामस्वरूप शास्त्री, चंद्रशेखरानंद सरस्वती, दंडी स्वामी, भगवतदास महाराज तपस्वी आश्रम गाजनपुर के सान्निध्य में वैदिक विधान से पूजन-अर्चन कर मां नर्मदा के सहस्त्र नाम से अर्चना की। ढोल नगाड़ों के साथ मांं की महाआरती हुुई। नर्मदाष्टक का पाठ किया। शाम को भंडारा हुआ। सिद्धनाथ घाट पर स्वामी चंद्रशेखरानंद सरस्वती के सान्निध्य में मांं नर्मदा को छप्पन भोग लगा कर महाआरती व दीपदान किया गया। बड़े बाबा आश्रम पर संत रामस्वरूप शास्त्री एवं खाक चौक आश्रम गाजनपुर पर संतश्री बालकदास तपस्वी बाबा के सान्निध्य में जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया।
कन्नौद : काेरा पांगरा में हुए आयोजन
कन्नौद क्षेत्र के ग्राम कोरा पांगरा में संत गोविंद दास (फौजी बाबा) आश्रम पर नर्मदा जयंती महोत्सव मनाया गया। यज्ञ आचार्य पं. धर्मेंद्र चौबे के निर्देशन में पूजन हुई। संत गोविंददास महाराज कोरा पांगरा ने बताया कि प्रतिवर्ष यहां पर नर्मदा जयंती पर सात दिवसीय नर्मदा जयंती उत्सव मनाया जाता है। भंडारा हुआ। कन्नौद नगर के बावडी हनुमान, नर्मदा मंदिर प्रांगण में रविवार से नो दिवसीय नर्मदा जयंती महोत्सव का शुभारंभ किया गया। आयोजन के संयोजक कमलकिशोर कुंडल ने बताया 22 फरवरी को कन्याभोज होगा।
‘सिंहस्थ में विश्वभर के लोग करेंगे स्नान’
नर्मदा शिप्रा मिलन से विश्वभर से सिंहस्थ उज्जैन में आने वाले लोग पहली बार वहां नर्मदा स्नान करेंगे। नर्मदा जयंती पर इससे बड़ी कोई और सौगात नहीं हो सकती। यह बात सनातन विचार मंच परिसर में आयोजित मां नर्मदा मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के समापन अवसर पर रविवार को उज्जैन के चार भुजानाथ मंदिर के महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद सरस्वती ने कही। देवास विधायक गायत्रीराजे पवार ने कहा कि सीतावन क्षेत्र से महाराज साहब का आत्मीय रिश्ता था। उन्होंने मंदिर व धर्मशाला निर्माण की सराहना करते हुए क्षेत्र के लिए इसे मिसाल बताया। पाठ्य पुस्तक निगम अध्यक्ष रायसिंह सैंधव, प्रदीपसिंह सिसोदिया, प्रदीप मेहता, आलोक पायलेट ने भी संबोधित किया।
मां नर्मदाजी की मूर्ति की विधि विधान पूर्वक प्राण प्रतिष्ठा हुई। पूर्णाहुति व भंडारे के साथ महायज्ञ का समापन हुआ। पंडित रामाधार द्विवेदी, पंडित चंद्रशेखर जोशी, पंडित नीरज व्यास, पंडित सुनिल जोशी व पीठम के 21 पंडितों द्वारा याज्ञिक कार्यक्रम संपन्न हुआ। अानंद कोठारी, दुर्गेश अग्रवाल, भरत चौधरी आदि मौजूद रहे। मंच संस्थापक रविंद्र भारद्वाज व अध्यक्ष कमल बरडिया ने अतिथियों का स्वागत किया। स्वागत भाषण मंच के डाॅ जे एस चौधरी ने दिया। संचालन हरिहर मोगरे ने किया। आभार गिरधर गुप्ता ने माना।
भगवानदास गुप्ता, लोकेश जैन, डॉ सुरेंद्र मिश्रा, पवन जैन, रामचंद्र दांगी, श्याम अग्रवाल, आचार्य रतनसिंह सैंधव, राजनारायण मिश्रा, डॉ राघवेंद्रसिंह जाधव, छतरसिंह राजपूत, सतीश मेहता, शिवप्रकाश गुप्ता, जगदीश विश्वकर्मा, राजू विश्वकर्मा, सुनील गुप्ता, सुमित गुप्ता, दिनेश गुप्ता, बिल्लू गुप्ता आदि का व्यवस्था में योगदान रहा।
5 हजार श्रद्धालुओं ने किया नर्मदा स्नान
तीर्थ क्षेत्र धाराजी में मुख्य घाट पर पुलिस का पहरा देख हनुमान मंदिर के समीप सुबह से शाम तक करीब 5 हजार श्रद्धालुओं ने नर्मदा में डुबकी लगाई। पंडित रामाधार द्विवेदी, पंडित बाबूलाल जोशी, पंडित चंद्रशेखर जोशी व पीठम के बटुकजनों ने भी यहां स्नान कर मां नर्मदा की पूजा अर्चना की। दोपहर बाद पाठ्य पुस्तक निगम अध्यक्ष रायसिंह सैंधव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष दौलत तंवर व टीम पहुंची और स्नान लाभ लेकर पूजा अर्चना की। निगम अध्यक्ष सेंधव ने कहा यहां घाट निर्माण व स्नान से प्रतिबंध हटाने के लिए शासन स्तर पर मैं भी पूरा प्रयास करूंगा।
पीपरी. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए देवास विधायक गायत्रीराजे पवार।