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मॉडल स्कूल शुरू हुए चार साल बीते, फिर भी भवन अधूरा
मॉडलस्कूल के विद्यार्थियों को स्कूल शुरू होने के तीन साल बाद भी अपना भवन नहीं मिल सका है। विद्यार्थियों को उधार के उत्कृष्ट स्कूल भवन में अध्ययन करना पड़ रहा है, जबकि भवन निर्माण की स्वीकृति चार साल पहले पूर्व विधायक दिलीपसिंह गुर्जर के प्रयासों से हो गई थी। बावजूद निर्माण कार्य 2012 में शुरू हुआ और अभी तक अधूरा ही है। कारण निर्माण एजेंसी द्वारा बेहद धीमी गति से भवन का निर्माण करना। मॉडल स्कूल में कक्षा 9वीं से 12वीं तक करीब 254 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।
स्टाफभी नहीं मिला- मॉडलस्कूल की परिकल्पना को लेकर शासन का रवैया भी पूरी तरह लापरवाह बना हुआ है। स्कूल शुरू होने के तीन साल बाद भी अभी तक नियमित स्टाफ नहीं मिल सका है। नियमित शिक्षक घनश्याम नागर अंजना कुशवाह प्रतिनियुक्ति पर मॉडल स्कूल में आए हैं। इन शिक्षकों द्वारा कक्षा 11वीं एवं 12वीं में अध्यापन कार्य किया जा रहा है। इनके अलावा मॉडल की 11वीं एवं 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को उत्कृष्ट स्कूल में पदस्थ स्टाफ से ही अध्ययन करवा रहे हैं। उत्कृष्ट स्कूल के प्राचार्य अर्जुनसिंह मॉडल के प्रभारी प्राचार्या भी हैं।
^मॉडल स्कूल की कक्षाओं का संचालन फिलहाल उत्कृष्ट हायर सेकंडरी स्कूल में ही हो रहा है। नागदा रोड पर बन रहे स्कूल भवन का काम पूर्ण नहीं हो पाया है। अर्जुनसिंहसोलंकी, प्राचार्यउत्कृष्ट हायर सेकंडरी स्कूल खाचरौद
नागदा रोड पर दो साल से बन रहा निर्माणाधीन मॉडल स्कूल। फोटो-संजय दुबे