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फसल बीमा राशि नहीं मिली, किसान भड़के

7 वर्ष पहले
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खरीफसीजन 2013 की सोयाबीन फसल की बीमा क्लेम राशि नहीं मिलने पर किसान भड़के हुए हैं। इसे लेकर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान वित्त मंत्री अरुण जेटली को फैक्स से ज्ञापन भेजकर जिला सहकारी बैंक द्वारा लापरवाही कर किसानों को क्लेम की राशि नहीं देने की शिकायत की है। साथ ही दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है।

खाचरौद विधानसभा में 2013 में खरीफ की फसल सोयाबीन के अतिवृष्टि से खराब होने पर राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना के तहत बीमा क्लेम की राशि किसानों को जारी की। लेकिन प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति कुछ किसानों को ही बीमा क्लेम की राशि देने की बात सामने आई है। किसानों के मुताबिक प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति राष्ट्रीकृत बैंकों द्वारा ऋण देने के समय ही फसल बीमा की राशि काट कर उसकी रसीद भी नहीं दी जाती है। बावजूद अब बीमा क्लेम देना है तो बैंकों सहकारी समिति द्वारा खरीफ फसल के दौरान फसल बीमा राशि नहीं काटने की बात कही जा रही है। वहीं कुछ सहकारी समिति किसानों को लहसुन प्याज बोने के कारण बीमा क्लेम की राशि नहीं मिलने की बात कह रहे हैं। जबकि लहसुन प्याज रबी सीजन में बोई जाती है। अब यह समझ से परे है कि जब केसीसी ऋण लेने पर प्रति किसान से बीमा राशि काटी जाती है तो बीमा क्लेम देने में सहकारी समिति बैंक आनाकानी क्यों कर रही है।

इन्होंने शिकायत की

ग्रामसंडावदा के रतनलाल, श्रवण, तेजूबाई, ईश्वरलाल जगन्नाथ ने मुख्यमंत्री को किए फैक्स में बताया कि उनके गांव में मात्र 13 लोगों को ही बीमा क्लेम की राशि मिली है। जबकि शेष 40 किसानों से भी फसल बीमा की राशि काटी गई थी और रसीद भी नहीं दी गई थी। अतिवृष्टि से सभी की फसल को नुकसान हुआ था। बावजूद शेष 40 किसानों को बीमा क्लेम की राशि लहसुन प्याज की बोवनी करने की बात कहकर नहीं दी जा रही है। इसी तरह कांग्रेस कमेटी ब्लॉक उपाध्यक्ष अंबाराम पाटीदार जिला कांग्रेस सचिव शांतिलाल पाटीदार ने वित्त मंत्री अरुण जेटली को पत्र लिखकर 187 किसानों को बीमा क्लेम राशि से वंचित करने की शिकायत की है। शिकायत में बताया कि यूको बैंक द्वारा बीमा राशि नहीं काटने की बात कही जा रही है, जबकि बीमा राशि किसान द्वारा ऋण लेते समय ही काट ली जाती है। उन्होंने किसानों को बीमा राशि दिलाने दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है।