चालीसवां पर्व पर आज मुकाम लेंगे ताजिए
हजरतइमाम हुसैन की शहादत में मनाया जाने वाला चालीसवां पर्व की शुरुआत शुक्रवार से होगी। मन्नती ताजियों के साथ पंचायती ताजिए शुक्रवार को अपना मुकाम लेंगे और समाजजन इनकी इबादत करने पहुंचेंगे। तीन दिनों तक चालीसवें पर्व के दौरान मस्जिदों सहित घरों पर विशेष इबादत की जाएगी।
मालवा में चालीसवां पर्व नागदा आलोट में खासतौर से मनाया जाता है और नागदा में यह बड़े रूप में मनाया जाता है। इसलिए इस पर्व में शामिल होने के लिए शहर सहित खाचरौद, महिदपुर, उन्हेल, उज्जैन के साथ ही राजस्थान गुजरात से भी समाजजन पहुंचते हैं। शुक्रवार को बड़े साहब, छोटे साहब, बुराक, ताजियों सहित अन्य ताजियों का मुकाम लेगा। शनिवार को इनका मुकाम उठकर जामा मस्जिद के सामने पहुंचेगा। यहां देर रात तक जाइरिनों द्वारा जियारत की जाएगी। वहीं हुसैन की शहादत में मरसिए पढ़े जाएंगे। रविवार दोपहर में नमाज के बाद ताजियों का कारवां पुन: शुरू होगा और कर्बला पहुंचकर समाप्त होगा।