एसडीएम ने दिया सड़क नामांतरण का आदेश
प्रधानमंत्रीसड़क योजना के तहत चार साल पहले बनी खाचरौद- भाटखेड़ी सड़क का नामांतरण करने के आदेश पूर्व एसडीएम डॉ. रजनीश श्रीवास्तव द्वारा देने का मामला सामने आया है। खास बात यह है कि नामांतरण के आवेदन को पूर्व तहसीलदार अनितासिंह तोमर ने खारिज कर दिया था। सड़क निर्माण के पहले से ही ग्रामीणों द्वारा इसका उपयोग आने-जाने के लिए किया जा रहा है। मामले में पूर्व एसडीएम डॉ. श्रीवास्तव से चर्चा करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया।
अधिग्रहणनहीं होने को आधार बनाया
एसडीएमश्रीवास्तव ने नामांतरण के लिए जारी आदेश में बताया कि विवादित भूमि में से होकर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क बनी है, रास्ते को छोड़कर शेष भूमि 0.25 हैक्टेयर भूमि विक्रय की है। वर्ष 2008-09 से 2012-13 के खसरों में प्रहलादसिंह पिता गोवर्धनसिंह का नाम से भूस्वामी के रुप में दर्ज हैं। आपत्तिकर्ता अकरम बी पति वली मोहम्मद की आपत्ति मात्र इस बात को लेकर हैं कि विक्रित भूमि में से सड़क निकल रही है और इस भूमि का अधिग्रहण हो चुका है। लेकिन आपत्तिकर्ता द्वारा ऐसा कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका है, जिससे भूमि का अधिग्रहण प्रमाणित हो। राजस्व निरीक्षक के सीमांकन प्रतिवेदन में भी 0.27 हैक्टेयर पर रोड़ निकली है और शेष 0.25 हैक्टेयर भूमि मौके पर पड़त हैं। प्रधानमंत्री सड़क कार्यालय से 14 जुलाई को जारी पत्र में बताया कि प्रधानमंत्री सड़क के लिए कोई भी भूमि अधिग्रहित नहीं की जाती हैं और किसी भी प्रकार का मुआवजा भी नहीं दिया जाता है। इसे आधार मानकर एसडीएम ने नामांतरण करने के आदेश तहसीलदार को दिए। खास बात यह है कि वर्ष 2000 से 2014 तक के खसरा रिपोर्ट में सर्वे क्रमांक 316 रकबा 0.52 हैक्टेयर भूमि पर रास्ता बना हुआ है।
दावा/आपत्तिनहीं आने पर बनाई सड़क
मप्रग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण, परियोजना क्रियान्वयन इकाई 1 उज्जैन महाप्रबंधक द्वारा 20 अगस्त को आवेदक जाकीर पिता वली मोहम्मद को जारी पत्र में बताया गया कि खाचरौद से भाटखेड़ी मार्ग निर्माण वर्षों से प्रचलित एकरेखण पर किया गया। उक्त मार्ग के निर्माण के समय किसी भी व्यक्ति या संस्था द्वारा मार्ग के एकरेखण में निजी भूमि संबंधी कोई भी आपत्ति दावा दर्ज नहीं कराई गई थी। वहीं किसी भी व्यक्ति/संस्था को मुआवजा नहीं दिया गया।
^मेरे संज्ञान में यह मामला नहीं आया हैं। सड़क का नामांतरण नही