बच्चों को बीमारी से बचाने के लिए खिलाई गोलियां
72 हजार बच्चों को गोली खिलाने का है लक्ष्य
भास्कर संवाददाता | नागदा
बच्चों के पेट में बढ़ती कृमि संक्रमण की बीमारी को दूर करने के लिए बुधवार को स्वास्थ्य विभाग ने राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया। शासकीय कन्या मावि में शिविर आयोजित किया गया। शिविर का शुभारंभ विधायक दिलीपसिंह शेखावत, मंडल अध्यक्ष राजेश धाकड़, स्वास्थ्य समिति सभापति आशीष वोरा ने किया। शिविर में विद्यार्थियों को पेट के कीड़े मारने की गोली खिलाई गई। बीएमओ डॉ. संजीव कुमरावत ने बताया कृमि दिवस पर खाचरौद ब्लॉक के 72 हजार बच्चों को गोली खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके लिए 471 शासकीय व 415 आंगनवाड़ियों काे केंद्र बनाया गया था। सभी केंद्रों पर 1100 अधिकारियों व कर्मचारियों ने सेवाएं दी। शेष बचे बच्चों को 15 फरवरी तक अभियान चलाकर गोली खिलाई जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में खिलाई गोली- ग्रामीण क्षेत्रों में भी बच्चों को कृमिनाशक गोली खिलाई गई। ग्राम भाटीसुड़ा उप स्वास्थ्य केंद्र पर आयोजित शिविर का शुभारंभ सरपंच हिम्मतलाल चौधरी ने किया। शिविर में स्कूल, आंगनवाड़ी के सभी 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों को कृमिनाशक गोली खिलाई गई। स्वास्थ्य केंद्र के तहत आने वाले ग्राम भाटीसुड़ा, भीलसुड़ा, अजीमाबाद पारदी, टकरावदा, अमलावदा, लसुड़िया जयसिंह, पिपल्याशीष आदि गांवों में करीब 2 हजार बच्चाें को कृमि नाशक गोली खिलाने का लक्ष्य दिया गया था। इस मौके पर अंजुकुंवर, मंजूबाला, गंगा बैरागी, संगीता गोयल, ममता नागर, संतोष मीणा, सपना सुड़ाती, मांगूबाई, माया परमार, गंगा वर्मा, पवन परिहार आदि मौजूद थे।
जानकारी मूलचंद सागर ने दी।
छात्राओं को गोली खिलाते अतिथि।
यह होता है कृमि संक्रमण
बीएमओ डॉ. कुमरावत के मुताबिक कृमि संक्रमण से बच्चों का न केवल शारीरिक विकास अवरुद्ध हाेता है बल्कि मानसिक विकास पर भी असर पड़ता है। कृमि संक्रमण से बच्चों में खून की कमी के साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम होती है। इससे बच्चों का बार-बार बीमार होना, एकाग्रता में कमी व कुपोषण होता है।