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अब नेता प्रतिपक्ष और नपा उपाध्यक्ष के लिए जोड़-तोड़

7 वर्ष पहले
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नगरपालिका अध्यक्ष और पार्षद तय होने के बाद अब नपा उपाध्यक्ष नेता प्रतिपक्ष के लिए राजनीतिक हलको में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। विपक्षी दल कांग्रेस के 7 पार्षद जीते हैं। इनमें से वार्ड 8 से जीते राधेश्याम बंबोरिया सबसे वरिष्ठ हैं। वह दूसरी बार पार्षद बने हैं। वह इसके पहले भी बंबोरिया दो बार पार्षद प्रतिनिधि भी रह चुके हैं। बंबोरिया का नेता प्रतिपक्ष बनना लगभग तय माना जा रहा है।

इनकेनामों की चर्चा

नगरपालिका उपाध्यक्ष पद के लिए भाजपा के वरिष्ठ पार्षदों के नाम चर्चा में आए हैं। इनमें राजेंद्र गोहर, अखिलेश शर्मा, मुकेश कांकर, रवाब बोहरा आदि शामिल हैं। हालांकि अभी पार्टी के वरिष्ठ नेता दूसरे कामों में व्यस्त हैं और नगर पालिका उपाध्यक्ष के चुनाव के लिए भी बहुत समय है। इसलिए इस पद के लिए कौन बाजी मारेगा अभी कहना मुश्किल है। केंद्रीय मंत्री विधायक की सहमति जिसके पक्ष में होगी, वहीं उपाध्यक्ष की कुर्सी पर बैठ पाएगा। राजेंद्र गोहर रवाब बोहरा दो बार पार्षद बन चुके हैं। वहीं अखिलेश शर्मा और मुकेश कांकर पहली बार पार्षद बने हैं। सूत्रों के अनुसार इन सभी का विधायक दिलीपसिंह शेखावत से राजनीतिक तालमेल बहुत ज्यादा अच्छा नहीं रहा है। इनमें से अखिलेश शर्मा, नव निर्वाचित नपाध्यक्ष कमलेश शर्मा उनके प्रतिनिधि पूर्व मंडल अध्यक्ष अनिल शर्मा से सीधे संबंध हैं। इस कारण अखिलेश शर्मा का एडजस्टमेंट किए जाने की चर्चाएं हैं। हालांकि नपाध्यक्ष के लिए समस्या यह है कि जीते हुए पार्षदों में उनके खास समर्थक अखिलेश शर्मा जूनियर हैं। सामान्यत: नपा उपाध्यक्ष पद के लिए किसी अनुभवी पार्षद को ही मौका दिया जाता है। इसके बावजूद वह अपनी तरफ से किसका नाम आगे बढ़ाती हैं यह आने वाले कुछ दिनों में साफ हो पाएगा।