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अब तक स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा का आदेश नहीं पहुंचा

7 वर्ष पहले
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कहते हैं अभिभावक

18 नवंबर को जारी िकए थे शिक्षा विभाग ने आदेश

भास्करसंवाददाता| खाचरौद

स्कूलीबच्चों की सुरक्षा से जुड़ा एक महत्वपूर्ण आदेश अब तक ब्लाॅक के स्कूलों में नहीं पहुंचा है। जबकि यह आदेश शिक्षा विभाग ने 18 नवंबर को ही जारी कर दिया था। इसमें आदेश के बाद अब सभी स्कूलों में शिकायत पेटी, सीसीटीवी कैमरे लगाने के अलावा अभिभावकों से विद्यार्थियों के बारे में नियमित चर्चा, स्कूल में सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर अलग से एक प्रभारी नियुक्त करना अनिवार्य है। मगर यहां स्थिति यह हैं कि जवाबदार अधिकारियों की लापरवाही के कारण यह आदेश अब तक किसी भी स्कूल में नहीं लागू किया गया है। वहीं अभी लागू करने की कवायद भी नहीं की जा रही है।

इसलिएआदेश जारी-स्कूलों मेंलगातार बच्चों को प्रताड़ित करने की खबरें सुर्खियों में रही। शिकायत मिलने के बाद राष्ट्रीय बाल संरक्षण अधिकार आयोग ने प्रदेश के मुख्य सचिव को पत्र लिखा और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े बिंदुओं को तुरंत लागू करने की अनुशंसा की। स्कूल शिक्षा विभाग ने 18 नवंबर को सभी जिलाधिकारियों समेत करीब एक दर्जन अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।

सुरक्षाको लेकर यह अनुशंसाएं की-गैर अनुदानप्राप्त स्कूलों में शाला प्रबंधन समितियां गठित की जाएं। इसके लिए एक आंतरिक व्यवस्था बनानी चाहिए। कक्षा के बाहर बच्चाें की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सिस्टम विकसित करें। महत्वपूर्ण स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। सुरक्षा से जुड़े बिंदुओं पर चर्चा के लिए एक व्यक्ति नियुक्त किया जाए। स्कूल में शिकायत पेटी रखी जाए। आवासीय स्कूलों में सुरक्षा की जवाबदारी होस्टल प्रबंधन को दी जाए। गंभीर मामलों में पुलिस, प्रशासन की मदद ली जाए।

^सुरक्षा महत्वपूर्ण मुद्दा है। शासन के आदेश को गंभीरता से लागू किया जाए तो बच्चों को वास्तव में सुरक्षित माहौल मिल सकेगा। स्थानीय स्तर पर अधिकारी शासन के आदेशों का पालन नहीं कराते हैं। इन पर भी कार्रवाई होना चाहिए। राधेश्यामबंबोरिया, अभिभावक।

^शिकायतपेटी के आदेश को नजरअंदाज करने वालों पर कार्रवाई होना चाहिए। स्कूलों में बच्चाें को सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए। नंदकिशोरराठौड़, अभिभावक।

^ऐसा कोई आदेश हमारे पास नहीं आया हैं, और ही कोई सूचना मिली हैं। अशोकवाडिया, बीआरसी,खाचरौद

^बालसंरक्षण आयोग द्वारा आदेश जारी किए गए थे। डीप