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फसल बीमा : अब किसानों को रबी के लिए मात्र डेढ़ प्रतिशत प्रीमियम

5 वर्ष पहले
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खरीफ में 50 प्रतिशत का नुकसान पर मिली राशि
इस बार पहली बार खराब फसलों की अनावारी में 50 प्रतिशत के नुकसान के आधार पर किसानों को बीमा राशि का भुगतान हुआ है। इसके पूर्व कई किसानों को प्रति बीघा 25 से 50 रुपए की बीमा राशि मिलती थी। इससे किसान फसल बीमा योजना का मजाक उड़ाते थे, जबकि इस बार ऐसा नहीं हुआ।

इन्होंने भी किया संबोधित- समारोह के दौरान किसानों को पूर्व अध्यक्ष लालसिंह राणावत, नपाध्यक्ष अशोक मालवीय, जनपद अध्यक्ष श्यामूबाई मालवीय, मंडी अध्यक्ष हरिसिंह गुर्जर, भाजपा मंडल अध्यक्ष राजेश धाकड़ आदि ने भी संबोधित किया। इस दौरान युवराजसिंह राणावत, धर्मेश जायसवाल, अशोक मावर, सज्जनसिंह शेखावत, नरेंद्र कोठारी, राकेश यादव, आशीष वोरा, रामेश्वर धाकड़, भेरूसिंह हिड़ी, दिनेश परिहार, मेहरबानसिंह पंवार, लालसिंह आंजना, लक्ष्मीनारायण टूटियाखेड़ी, चैनसिंह गुर्जर आदि उपस्थित थे। संचालन भाजपा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष महेश व्यास ने किया।

फसल बीमा राशि के प्रमाण पत्र वितरण समारोह में मौजूद ग्रामीणजन अपनी बारी का इंतजार करते हुए।

किसान को फसल बीमा का चेक सौंपते हुए विधायक व पूर्व विधायक।

50 प्रतिशत प्रीमियम देते हैं किसान
फसल बीमा राशि की कुल प्रीमियम में किसानों को 50 प्रतिशत राशि देना होती है। शेष 50 प्रतिशत राशि राज्य व केंद्र सरकार वहन करती है। नए नियम को ऐसे समझा जा सकता है। एक लाख के कर्ज पर पहले किसानों को साढ़े तीन प्रतिशत अर्थात् साढ़े तीन हजार रुपए प्रीमियम आती थी। अब नए नियम से एक लाख पर खरीफ सीजन के लिए दो हजार एवं रबी सीजन के लिए डेढ़ हजार रुपए ही देना होगी।

खरीफ पर सिर्फ दो फीसदी, 3130 कृषकों को 4.68 करोड़ की बीमा राशि के प्रमाण-पत्र दिए

भास्कर संवाददाता | नागदा

1 अप्रैल 2016 से किसानों को खरीफ के लिए 2 और रबी फसल के लिए मात्र डेढ़ प्रतिशत ही बीमा प्रीमियम राशि जमा करानी होगी। केंद्र सरकार ने किसानों के हित में यह बड़ा निर्णय लिया है।

यह बात बुधवार को फसल बीमा राशि के प्रमाण पत्र वितरण समारोह में विधायक दिलीपसिंह शेखावत ने कही। उन्होंने बताया पूर्व में फसल के लिए 10 बीघा से कम खेती वाले किसानों को कर्ज राशि का सवा तीन प्रतिशत व 10 बीघा से अधिक खेती वाले किसानों को साढ़े तीन प्रतिशत प्रीमियम राशि जमा कराना होती थी।

विधायक ने मुख्यमंत्री कृषक योजना की जानकारी साझा करते हुए कहा नई योजना के तहत अब सरकार किसानों को सोसायटियों से खाद-बीज की खरीदी पर 10 प्रतिशत का अनुदान भी देगी। अनुदान राशि उनके केसीसी खातों में समायोजित होगी। समारोह में क्षेत्र के 3130 किसानों को 4 करोड़ 68 लाख रुपए फसल बीमा राशि के प्रमाण पत्र वितरित किए गए। किसानों के खातों में राशि 10 दिसंबर को ही जमा कराई जा चुकी है। किसानों को जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष किशनसिंह भटोल ने संबोधित करते हुए प्रदेश में हरित क्रांति के लिए सरकार द्वारा किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी भी दी।

53 इंच बारिश के बाद भी सूखाग्रस्त घोषित था क्षेत्र
विधायक शेखावत ने बताया गत वर्ष क्षेत्र में रिकॉर्ड 53 इंच बारिश हुई थी। बावजूद नागदा-खाचरौद सूखाग्रस्त घोषित किया गया था। इसके बाद प्रदेश सरकार ने प्रभावित किसानों के लिए 70 करोड़ रुपये राहत राशि एवं 51 करोड़ रुपये बीमा राशि के रूप में किसानों को प्रदान किए थे। पीड़ित किसानों को विवाह के लिए 25 हजार एवं 1 रुपए किलो गेहूं, चावल, शक्कर का लाभ भी दिया गया था।

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