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बनबना तालाब से सिंचाई की तो होगी दो साल की कैद

7 वर्ष पहले
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बनबनातालाब से सिंचाई करने पर दो साल की कैद दो हजार रुपए जुर्माना से दंडित किया जाएगा। इसके अादेश कलेक्टर कवींद्र कियावत ने मंगलवार को जारी कर दिए है। इसका कारण अल्पवर्षा होने से आगामी दिनों में पेयजल संकट उत्पन्न हो सकता है। इस वजह से बनबना तालाब के पानी को पेयजल के लिए संरक्षित किया गया है। साथ ही पेयजल का उपयोग सिंचाई के लिए हो, इसकी जवाबदारी एसडीएम नपा सीएमओ को सौंपी गई है।

अल्पवर्षा के कारण नागदा-खाचरौद विकासखंड में अभी से जलसंकट की स्थिति बनने लगी है। शहर हो या गांव हर जगह पानी की दिक्कत रही है। चंबल से उद्योग संचालित होता है तो नागदा, खाचरौद रेलवे को पेयजल सप्लाई होता है। वहीं कम बारिश के कारण बनबना तालाब में भी पानी की कम मात्रा है। ऐसे में तालाब के पानी का उपयोग सिंचाई के लिए होता है तो आगामी समय में पेयजल की विकट स्थिति उत्पन्न हो सकती है। नपा सीएमओ के पत्र पर कलेक्टर ने मप्र पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 3 के तहत बनबना तालाब के जल को संरक्षित घोषित किया है। आदेश के मुताबिक ग्रामीण तालाब के पानी का उपयोग मात्र पेयजल के लिए कर सकते है। अगर कोई किसान सिंचाई करते हुए मिलता है तो उसका मोटर पंप जब्त करने के साथ दो वर्ष की कैद दो हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया जाएगा।