नागदा को जिला बनाने के मुद्दे पर भाजपा का साथ देने को कांग्रेस तैयार
संयुक्त प्रतिनिधिमंडल के रूप में मुख्यमंत्री के पास जाने का दिया सुझाव
भास्कर संवाददाता. नागदा
भाजपा, कांग्रेस में सियासी बयानबाजी का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। दो दिन पूर्व रतलाम-खाचरौद रोड काे लेकर शुरू हुई राजनीति के बाद शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस महासचिव दिलीपसिंह गुर्जर ने मीडिया को जारी बयान में शहर को जिला बनाने के मुद्दे पर भाजपा को हरसंभव सहयोग देने की घोषणा की है।
बयान में गुर्जर ने यहां तक कहा कि क्षेत्रीय विधायक दिलीपसिंह शेखावत कहते हैं कि मेरे अनुभव का लाभ उन्हें नहीं मिलता, लेकिन उन्होंने कब मुझे मौका दिया कि मैं उन्हें कोई सुझाव दूं। जिले के मुद्दे पर जनता के सामने खुले मंच पर उन्होंने ही विधायक को बहस की चुनौती दी थी। लेकिन तब उन्होंने इनकार कर दिया था। एकाएक उन्हें अब बहस की तिथि याद आई है। गुर्जर ने कहा कि बहस करने से पहले विधायक ग्रेसिम उद्योग में श्रमिकों की सेवानिवृति आयु 58 से 60 करने व 1 जनवरी 2014 से उनके द्वारा स्वीकृत कार्यों की सूची के दस्तावेज जमा कर लें, उसके बाद शहर की किसी भी निष्पक्ष संस्था के मंच पर आमने-सामने बहस करें। कांग्रेस इसके लिए तैयार है।
हम तो सकारात्मक है, आप ही तवज्जो नहीं देते
विधायक द्वारा गुरुवार को मीडिया के माध्यम से असहयोग करने के आरोप पर गुर्जर ने कहा कि उन्होंने तो हमेशा सकारात्मक रुख दिखाया है। जिला बनाने के मुद्दे पर कांग्रेस ने आगे आकर मदद की पहल ही की थी। लेकिन भाजपा के नुमाइंदों को हर चीज में राजनीति नजर आती है। शहर का जिला बनना ही क्षेत्र के विकास की कुंजी है। लेकिन दुर्भाग्य से भाजपा इन दोनों मुद्दों में भेद समझ रही है। गुर्जर ने कहा पहले उन्होंने बहस की तिथि तय की थी तो विधायक जी को ऐसा लगा कि वे मेरे चाकर हैं। इस बार विधायक बहस की तिथि तय कर लें। बशर्ते इससे पहले बहस के मुद्दे तय कर लिए जाएं ताकि निश्चित मुद्दों पर तथ्यों पर ही बहस की जा सके।