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स्वाइन फ्लू को लेकर ग्रेसिम ने हाई अलर्ट जारी किया

6 वर्ष पहले
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जनसेवा हॉस्पिटल में स्वाइन फ्लू से ग्रसित एक रोगी की पहचान बाद में इंदौर के अस्पताल में उसकी मौत का मामला सामने आने पर ग्रेसिम उद्योग प्रबंधन ने स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए उद्योग समूह के चारों स्कूलों में हाईअलर्ट घोषित कर दिया है।

उद्योग के जनसंपर्क अधिकारी राजेश शर्मा ने बताया समूह के चारों स्कूलों सहित उद्योग के प्रबंधकीय अधिकारियों को सावधानी बरतने का सर्कुलर जारी किया है। सर्कुलर में बुखार, सर्दी-खांसी से पीड़ित स्कूली बच्चों, कर्मचारी अथवा अधिकारियों को छुट्टी देकर स्वस्थ होने तक आराम करने की सलाह देने को कहा गया है।

इधर, शहर के एकमात्र सरकारी अस्पताल सहित निजी अस्पतालों में भी स्वाइन फ्लू से इलाज की कोई व्यवस्था नहीं है। शंका होने पर इलाज के लिए मरीज को इंदौर ही रैफर किया जा रहा है। तीन दिन पूर्व बुखार सर्दी-खांसी पीड़ित खाचरौद की महिला की मौत स्वाइन फ्लू से होने की संभावना से ही स्वास्थ महकमे ने इंकार कर दिया है। बीएमओ डॉ. संजीव कुमरावत के अनुसार महिला की मौत कैसे हुई इसकी पुष्टि अब तक नहीं हुई है। रोग से बचाव के लिए टैमीफ्लू दवाई सोमवार तक क्षेत्र के सभी सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध करा दी जाएगी।

शिक्षाअधिकारी आज जारी करंेगी निर्देश

शिक्षाविभाग की प्रभारी डीईओ रमा नाहटे ने बताया रविवार को स्वास्थ्य महकमे की बैठक के बाद जिले के समस्त स्कूलों को स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए सर्दी खांसी से पीड़ित बच्चों की छुट्‌टी करने के निर्देश दिए जाएंगे। रोग से बचाव के लिए पम्प्लेट बैनर के माध्यम से भी जागरूकता लाई जाएगी।

स्वाइनफ्लू से बचाव के लिए पिलाएंगे काढ़ा

स्वाइनफ्लू के संक्रमण से बचाव के लिए नागरिकों को आयुर्वेदिक काढ़ा पीने की सलाह विधायक दिलीपसिंह शेखावत ने दी है। विधायक के अनुसार राजस्थान में राजसमंद के जिला कलेक्टर कैलाशचंद वर्मा ने रोग से बचाव के लिए आयुर्वेदिक काढ़ा पिलाने का अभियान चलाया है। विशेषज्ञों के अनुसार रोग से बचाव में उक्त काढ़ा काफी कारगर है। विधायक ने बताया राजसमंद की तरह क्षेत्र के लोगों को यह काढ़ा उपलब्ध कराने के लिए क्षेत्र के आयुर्वेदिक डॉक्टरों की टीम गठित की जा रही है। इस संबंध में कलेक्टर कवींद्र कियावत से चर्चा कर काढ़ा तैयार कराने के लिए जरूरी सामग्री उपलब्ध कराने का अनुरोध भी विधायक ने किया है। काढ़ा तैयार होते ही सरकारी अस्पताल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से इसे पिलाने की व्यवस्था कराई जाएगी। सामाजिक संस्थाएं भी उक्त अभियान में सहयोग कर सकती है।

रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है काढ़ा

राजसमंदके जिला आयुर्वेद अधिकारी रामानंद दाधीच के अनुसार काढ़ा घर भी बनाया जा सकता है। इसमें गोजिव्हादि क्वाथ, धान्य पंचक क्वाथ, रास्नादि क्वाथ, मंथर ज्वर क्वाथ प्रत्येक 10-10 ग्राम के साथ 5 तुलसी पत्र, 5 अडूसा पत्र, काली मिर्च 5 ग्राम, सोंठ 5 ग्राम, हल्दी 5 ग्राम, इलायची 5 ग्राम को 200 मि.ली. पानी में उबाल कर चौथा अंश पानी रहने तक उबालने के पश्चात इसे छानकर 15 मि.ली. शहद मिलाएं। तैयार काढ़े का सेवन सुबह-शाम सेवन करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है।

खाचरौद की तीन महिलाओं में लक्षण

जनसेवाके मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मदन सोडानी के अनुसार खाचरौद की रशीदा पति मुक्कदल निवासी सागर कॉलोनी, दीपिका पति मुकेश निवासी गणेश कॉलोनी मधु पति विजय निवासी कस्बा क्षेत्र खाचरौद की तीनों महिलाओं में स्वाइन फ्लू के लक्षण नजर आने पर जांच के लिए नमूने इंदौर भेजे हैं। तीनों को अलग वार्ड में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है।

स्वाइन फ्लू की 3 श्रेणी

श्रेणी: हल्काबुखार, खांसी, गले में खराश के साथ दर्द, उल्टी और दस्त।

इलाज: अस्पताल में सर्दी-खांसी का इलाज कराएं। घर में परिजन से दूर रहे।

बीश्रेणी : तेजबुखार, खांसी, गले में खराश के साथ दर्द, सांस लेने में तकलीफ।

इलाज: जांच कराए। मास्क लगाएं।

सीश्रेणी : तेजबुखार, खांसी, गले में खराश के साथ दर्द, सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द, ब्लड प्रेशर कम होना, थूक के साथ खून आना, स्वभाव में चिढ़चिढ़ापन।

इलाज : स्वाइन फ्लू की जांच कराकर डॉक्टर के परामर्श के बाद टेमी फ्लू लें। खांसते, छींकते समय मास्क लगाकर रखें।