मार्कशीट में ऑनलाइन संशोधन
सीबीएससी के बाद एमपी बोर्ड में भी सुविधा
व्यवस्था
सीबीएसईद्वारा अंकसूचियों में सुधार संशोधन के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रिया अब एमपी बोर्ड भी अपनाएगा। एमपी बोर्ड की अंकसूचियों से जुड़े पांच अहम काम अब ऑनलाइन होंगे।
वहीं अब छात्र को किसी भी तरह के शपथ-पत्र देने की जरूरत भी नहीं होगी। इसके बदले उसे सिर्फ एक स्व घोषणा-पत्र देना होगा। नवंबर 2014 में हुई बोर्ड की कार्यपालिका समिति की बैठक में इस संबंध में फैसला लिया गया था। एमपी बोर्ड सचिव द्वारा 14 जनवरी को अंकसूचियों में सुधार संशोधन के बदलाव संबंधी प्रक्रिया के आदेश जारी कर नए बदलावों को लागू कर दिया गया हैं।
डुप्लीकेटअंकसूची- मूलअंकसूची के गुम, चोरी या नष्ट होने के संबंध में स्व प्रमाणित घोषणा-पत्र देना होगा। लेकिन बार-बार मांग किए जाने पर एफआईआर की कॉपी लगाना होगी। नामांकन में भी संशोधन हो सकेगा।
जन्मतिथिमें संशोधन- इसकेलिए आवेदन प्राचार्य द्वारा फारवर्ड किया जाएगा। यह संशोधन रिजल्ट खुलने के तीन साल के भीतर ही कराना होगा। तीन साल से अधिक पुराने आवेदनों पर कोई सुधार या विचार नहीं किया जाएगा।
नाम,उपनाम में संशोधन- इसकेतहत छात्र, अभिभावक के नाम उपनाम में स्पेलिंग, तथ्यात्मक टाइपिंग की गलती को ही सुधारा जाएगा। सुधार का आधार वह दस्तावेज होंगे जो छात्र द्वारा प्रवेश के समय अभिभावक द्वारा भरे गए हैं।
फोटोग्राफमें संशाेधन
संशोधनरिजल्ट खुलने के सिर्फ एक साल तक ही किया जा सकेगा। क्योंकि उसके बाद उपस्थिति पत्रक नष्ट कर दिया जाता है। 2014 के पूर्व की अंकसूचियों में संशोधन के लिए जिला शिक्षा अधिकारी या प्राचार्य के प्रमाणीकरण के आधार पर दिसंबर 2015 तक मान्य होगा।
यह होगा ऑनलाइन
{प्रतिलिपि अंकसूची/ प्रमाण-पत्र जारी करना
{ जन्मतिथि संशोधन
{ छात्र-अभिभावक के नाम में संशोधन
{ फोटोग्राफ में संशाेधन
{ नामांकन क्रमांक में संशोधन