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डीजे का शोर छात्रों की पढ़ाई में डाल रहा खलल

6 वर्ष पहले
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प्री बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो चुकी है, परीक्षार्थी मेहनत कर रहे हैं। फरवरी से अप्रैल तक वार्षिक परीक्षाअों का दौर चलेगा, इसके लिए भी तैयारियां कर रहे है। लेकिन शादी समारोह धार्मिक कार्यक्रम के लिए बज रहे डीजे और बैंडबाजों के शोर से विद्यार्थी परेशान हो रहे हैं। शोर से जहां बच्चों की पढ़ाई पर गहरा असर हो रहा है तो नींद पूरी होने से उनके परिवार के सदस्यों की स्वास्थ्य पर भी असर हो रहा है। शादियों के दौरान मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानक के अनुसार दिन और रात में बैंडबाजे ध्वनि विस्तारक यंत्र बजना चाहिए, लेकिन नियमों से हटकर डबल डेसीबल शोर के साथ ध्वनि विस्तारक यंत्र बजाए जा रहे हैं। जबकि हाईकोर्ट ने डीजे पर रोक लगाई है। इसके बाद भी शादियों में बैंडबाजों का उपयोग धड़ल्ले से हो रहा है। देर रात तक इन ध्वनि विस्तारक यंत्रों की आवाज गली मोहल्लों में सुनाई देती रहती है।

देररात होता है शोर

हाईकोर्टद्वारा प्रतिबंध लगाने के बावजूद क्षेत्र में तेज आवाज में डीजे बजाए जा रहे हैं। इससे परीक्षा दे रहे क्षेत्र के सैकड़ों विद्यार्थियों और रहवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ध्वनि विस्तारक यंत्रों से आमजन को हो रही परेशानी को लेकर गत दिनों जबलपुर हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट ने 6 जनवरी को इस पर फैसला सुनाया। इसके तहत 20 जनवरी से डीजे प्रतिबंधित किया गया हैं, लेकिन वैवाहिक कार्यक्रमों के चलते क्षेत्र में देर रात तक डीजे की धुन गूंज रही हैं। इसके बाद भी पुलिस या प्रशासन इस ओर ध्यान देने को तैयार नहीं हैं।

नियमोंका भी पालन नहीं हो रहा

मप्रप्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों के अनुसार ध्वनि विस्तारक यंत्रों से उत्पन्न होने वाले शोर की आवृत्ति दिन में 65 तथा रात में 55 डेसीबल होनी चाहिए, बावजूद इसका पालन नहीं किया जा रहा। शहर के रेलवे स्टेशन रोड, मुखिया गली, ब्राहमणीपुरा और गणेश देवली क्षेत्र में आए दिन बारात निकलती है। इन क्षेत्रों में मेरिज गार्डन धर्मशाला होने से दिन और रात में डीजे का शोर केवल बच्चों की पढ़ाई में खलल डाल रहा है, बल्कि रात में सोने भी नहीं दे रहा हैं। शहर के गली-मोहल्लों और मेरिज गार्डनों में बजाए जाने वाले डीजे के शोर से बच्चे और रहवासी खासे परेशान हैं।

कानोंके लिए तेज आवाज नुकसानदेह

जानकारीके अनुसार आमतौर पर 80 डेसिबल तक ध्वनि कानों के लिए ठीक रहती है, लेकिन इसके अधिक साउंड कानों के लिए नुकसान देह होता है। इससे लोगों में बहरेपन, कान दर्द आदि की शिकायतें होने लगती हैं। डीजे वाहनों के प्रेशर हार्न बजने पर सौ से अधिक डेसिबल का साउंड निकलता है। इससे लोगों को गंभीर बीमारियों से ग्रसित होना पड़ सकता है। बच्चों पर इसस अधिक प्रभाव होता है।

यहां करें शिकायत

शहरमें कोलाहल अधिनियम लागू है। यदि कोई शोर कर रहा है तो आप इसकी शिकायत पुलिस थाने में कर सकते हैं।

पब्लिक न्यूसेंस के तहत एसडीएम से शिकायत की जा सकती है।

रात 10 बजे बाद डीजे का शोर हो रहा है तो पुलिस थाना के फोन नंबर 07366-231035 पर पुलिस को सूचना दे सकते हैं।

^अभी तक किसी भी प्रकार से ध्वनि विस्तारक यंत्रों के देर रात तक उपयोग करने के संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली हैं। यदि ध्वनि विस्तारक यंत्रों से पढ़ाई प्रभावित हो रही है तो विद्यार्थी इसकी शिकायत कर सकते हैं। शिकायत मिलते ही संबंधित पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। गोपालसिंहचाैहान, थाना प्रभारी, पुलिस थाना खाचरौद