- Hindi News
- कृषि रथयात्रा का जनपद सदस्यों ने बहिष्कार किया
कृषि रथयात्रा का जनपद सदस्यों ने बहिष्कार किया
किसानकल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा प्रदेशभर में कृषि महोत्सव के तहत गुरुवार से कृषि रथयात्रा का शुभारंभ किया गया, जो 20 अक्टूबर तक पूरे विकासखंड में भ्रमण करेगा और किसानों को शासन की योजनाओं की जानकारी देकर उनकी समस्या का निराकरण करेगा। इसके तहत खाचरौद विकासखंड से कृषि विभाग द्वारा गुरुवार को रथयात्रा का शुभारंभ कार्यक्रम आयोजित किया गया। रथयात्रा का जनपद सदस्यों ने बहिष्कार कर विरोध जताया है। साथ ही मुख्यमंत्री प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र भेजकर योजनाओं का प्रचार-प्रसार करने की जगह किसानों को उनका लाभ दिलाने की बात कही है।
कईकिसानों को बीमा नहीं देने का अारोप
जिलापंचायत सदस्य प्रतिनिधि सुरेंद्रसिंह गुर्जर, जनपद सदस्य गोविंद भरावा, भीमराज मालवीय, जीवनसिंह गुर्जर, राधेश्याम पंवार ने कृषि रथयात्रा का बहिष्कार कर विरोध जताया है। इन्होंने बताया कि शासन खरीफ रबी सीजन के समय किसानों को योजनाओं की जानकारी उपलब्ध नहीं कराता है। वहीं खाद-बीज आदि के लिए किसान भटकता रहता है और योजनाओं का लाभ अधिकारियों की सांठगांठ से बड़े किसानों को मिल जाता है। इस कारण लघु किसानों को बोवनी के समय परेशान होना पड़ता है। फसल बीमा में भी कई किसानों को लाभ नहीं दिए जाने का आरोप जनपद सदस्यों ने लगाया है।
कृषि महोत्सव के तहत 20 अक्टूबर तक रथ विकासखंड में भ्रमण करेगा
दो साल से बंद पीवीसी पाइप के लक्ष्य
किसानोंको सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण रूप से पीवीसी पाइप लाइन की जरूरत होती है। जो करीब 30 हजार रुपए की बाजार में मिलती है। योजना के तहत किसान को 50 प्रतिशत अनुदान पर यह कृषि विभाग से 15 हजार रुपए में मिलती थी। लेकिन विभाग द्वारा योजना जारी होने के बाद भी खाचरौद विकासखंड में दो सालों से लक्ष्य नहीं दिए जा रहे हैं। इस कारण किसानों को बाजार से महंगे दाम पर खरीदकर सिंचाई के लिए पाइप की व्यवस्था करना पड़ रही है। इसी तरह ट्रैक्टर के लक्ष्य भी बंद कर दिए गए हैं तो प्रशासन ने टयूबवेल खनन पर 4 साल से प्रतिबंध लगा रखा है। ऐसे में किसानों को खेती करने में भी जद्दोजहद करना पड़ रही है।
स्टापडेम क्षतिग्रस्त, कोई नहीं दे रहा ध्यान
जनपदसदस्य मालवीय के मुताबिक किसानों को खेती के लिए पानी की जरूरत होती है। सोयाबीन की फसल बारिश के पानी पर हो जाती है, लेकिन रबी सीजन में उन्हें तालाब, कुएं, ट्यूबवेल नहर